मंत्री छगन भुजबल (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

सावधान! क्या आपके पास भी है LPG सिलेंडर? छगन भुजबल का बड़ा ऐलान, नहीं किया ये काम तो कट जाएगा कनेक्शन

Maharashtra PNG Connection: महाराष्ट्र में PNG सुविधा वाले क्षेत्रों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आवेदन न करने पर आपका एलपीजी सिलेंडर बंद हो सकता है।

आकाश मसने

Maharashtra LPG Cylinder Rules: वैश्विक स्तर पर जारी ऊर्जा संकट और खाड़ी देशों के तनाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की बुनियादी सुविधा पहुंच चुकी है, वहां के नागरिकों को अब अनिवार्य रूप से एलपीजी (LPG) का मोह छोड़ना होगा।

3 महीने का अल्टीमेटम: क्या है नया नियम?

मंत्री भुजबल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि राज्य के जिन शहरी या ग्रामीण इलाकों में पीएनजी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, वहां के निवासियों को अगले तीन महीनों के भीतर कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। यह नियम केवल घरेलू रसोई के लिए ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी समान रूप से लागू होगा। सरकार का रुख कड़ा है, यदि आपके इलाके में पाइपलाइन उपलब्ध है और आप फिर भी सिलेंडर का उपयोग जारी रखते हैं, तो आपका एलपीजी कोटा काटा जा सकता है या आपूर्ति पूरी तरह बंद की जा सकती है।

किसे घबराने की जरूरत नहीं है?

आम जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट किया कि यह नियम उन लोगों के लिए नहीं है जिनके क्षेत्र में अभी तक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं पहुंचा है। यदि आपने पीएनजी के लिए आवेदन कर दिया है, लेकिन तकनीकी कारणों से आपके घर तक पाइप कनेक्शन नहीं पहुंचा है, तो आपका पुराना सिलेंडर कनेक्शन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन लोगों को आवेदन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है, वे अपने जिले के आपूर्ति अधिकारी (Supply Officer) के पास जाकर अपना विवरण जमा कर सकते हैं।

किल्लत की खबरों पर विराम

ईंधन की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को मंत्री ने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, "भारत के पास गैस और ईंधन का पर्याप्त भंडार है। रूस और वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति नियमित है। जनता को घबराकर जमाखोरी (Hoarding) करने की आवश्यकता नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने राशनिंग को लेकर भी राहत दी है, अब उपभोक्ता तीन महीने का अनाज एक साथ ले सकते हैं।

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