महाराष्ट्र के 305 तालुकों में सूखे के बाद सरकार ने ‘मिशन मुरघास’ शुरू किया।
चारे की किल्लत रोकने के लिए 76.41 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि मंजूर।
हरे चारे के संरक्षण से पशुओं का स्वास्थ्य और दूध उत्पादन बनाए रखने पर जोर।
Maharashtra Drought Crisis: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पशुओं के लिए चारे की संभावित कमी रोकने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के 358 में से 305 तालुकों में सूखा घोषित किए जाने के बाद पशुपालन विभाग ने ‘मिशन मुरघास’ नाम से राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है।
इसके तहत किसानों को हरा चारा उपलब्ध रहने के दौरान ही उसे वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि सूखे के समय पशुओं को चारे की कमी का सामना न करना पड़े।
पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल के अनुसार, मिशन मुरघास का मुख्य उद्देश्य हरे चारे को वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षित कर भविष्य में होने वाली कमी को रोकना है। सूखे के दौरान हरे चारे की उपलब्धता घटने से पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इससे दूध उत्पादन में गिरावट आ सकती है और पशुपालन पर निर्भर परिवारों की आय प्रभावित होती है। ऐसे में समय रहते चारे का संरक्षण किसानों के लिए मददगार साबित हो सकता है।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के खरीफ सीजन के लिए चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले ही 51.20 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इसमें जिला वार्षिक योजना के तहत चारे के बीज वितरण के लिए 48.20 करोड़ रुपये और विदर्भ-मराठवाड़ा दुग्ध विकास परियोजना के तहत 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
चारे की संभावित कमी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अब 76.41 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि मंजूर की है। इसमें जिला वार्षिक योजना के तहत 66.41 करोड़ रुपये और विदर्भ-मराठवाड़ा दुग्ध विकास परियोजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस राशि से चारे की उपलब्धता बढ़ाने और किसानों को आवश्यक सहायता देने के प्रयास किए जाएंगे।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य सूखे के दौरान पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराना, उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना और दूध उत्पादन में गिरावट के जोखिम को कम करना है। हरे चारे को समय रहते संरक्षित करने से संकट के समय उसकी उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे पशुपालन पर निर्भर किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक नुकसान से बचाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।