Ladki Bahin Yojana Scam Recovery: महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। कई संपन्न और टैक्स देने वाली महिलाओं ने योजना का गलत फायदा उठाया, वहीं कुछ पुरुषों ने खुद को महिला बताकर योजना से पैसे हासिल किए। ऐसे 12,757 फर्जी पुरुष लाभार्थियों ने सरकार को करीब 22.96 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। ग्राम विकास विभाग ने फर्जी महिला लाभार्थियों से वसूली के लिए जिला परिषदों को पत्र भेजा, जिसके बाद करीब 50 फीसदी रकम वसूल भी की गई। 6,457 फर्जी महिलाओं से लगभग 11 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। लेकिन पुरुषों द्वारा हड़पे गए 22.96 करोड़ रुपये की वसूली कब होगी, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से फिलहाल इस दिशा में कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है।
दिसंबर 2025 में ई-केवाईसी और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान फर्जी लाभार्थियों का खुलासा हुआ। घुसपैठ करने वाली महिला कर्मचारियों के खिलाफ महाराष्ट्र सिविल सेवा अधिनियम-1981 के तहत कार्रवाई के लिए 29 जुलाई 2025 को पत्र जारी किया गया था, जिसके चलते कुछ वसूली संभव हो पाई। पुरुष लाभार्थियों से वसूली न होने पर 9 अक्टूबर 2025 को महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुप कुमार यादव ने ग्राम विकास विभाग से रिपोर्ट मांगी थी।
हालांकि, करीब साढ़े पांच महीने बाद भी फर्जी महिलाओं में से केवल आधी से ही वसूली हो पाई है, जबकि पुरुषों से अब तक कोई वसूली नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि पुरुषों से वसूली के लिए विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या पत्राचार तक नहीं किया गया है। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि फर्जी पुरुष लाभार्थियों को ‘छूट’ मिल रही है।
यह भी पढ़ें:- Baramati By-Election: सुनेत्रा पवार ने डाला वोट, अजित पवार को लेकर कही बड़ी बात; देखें भावुक पल की तस्वीरें
महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे ने योजना के तहत ई-केवाईसी सुधार की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की है। इससे पहले यह समयसीमा 31 मार्च थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सुझाव पर यह फैसला लिया गया है। सरकार ने इसे लाभार्थी महिलाओं के लिए आखिरी मौका बताया है।
महाराष्ट्र सरकार ने यह योजना जुलाई 2024 में शुरू की थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब ई-केवाईसी सुधार के लिए उन्हें एक और अवसर दिया गया है।