Maharashtra Government Announcees 4 Medical Colleges: महायुति सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ठाणे जिले के अंबरनाथ, अमरावती, गढ़चिरौली और वाशिम में प्रस्तावित चार सरकारी मेडिकल कॉलेज व संबद्ध अस्पताल परियोजनाओं की संशोधित निर्माण लागत को मंजूरी दे दी है।
पहले इन चारों परियोजनाओं के लिए मंजूर 1,618.64 करोड़ रुपए के बजट को बढ़ाकर अब 1,907.88 करोड़ रुपए कर दिया गया है। संशोधित मंजूरी के बाद प्रत्येक परियोजना पर 476.97 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इन चारों परिसरों में मेडिकल कॉलेजों के साथ ही छात्र-छात्राओं के छात्रावास और आवासीय भवन विकसित किए जाएंगे। इसी तरह इनसे कुल 1720 नए बेड के अत्याधुनिक अस्पताल भी जुड़ेंगे।
चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि द्रव्य विभाग द्वारा हाल ही में जारी शासनादेश के मुताबिक इन चारों परियोजनाओं के तहत 100-100 विद्यार्थियों की क्षमता वाले मेडिकल कॉलेज, 430-430 बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास व चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय इमारत बनाए जाएंगे।
परियोजनाएं पूरी होने के बाद राज्य को 400 नई एमबीबीएस सीटें भी उपलब्ध होंगी। इससे चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होने के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी मिल सकेंगी।
राज्य सरकार के अनुसार पहले जारी प्रशासनिक मंजूरी के बाद इमारतों के नक्शों और डिजाइन में बदलाव किए गए। साथ ही निर्माण कार्य शुरू न होने से लागत में वृद्धि हुई।
संशोधित प्रस्ताव पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय सचिव समिति ने 21 मई को आयोजित बैठक में मंजूरी दी। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा व औषधि द्रव्य विभाग ने चारों परियोजनाओं के लिए संशोधित प्रशासनिक मंजूरी जारी की।
संशोधित लागत में सबसे अधिक बढ़ोतरी अमरावती, वाशिम और अंबरनाथ परियोजनाओं में हुई है। इन तीनों परियोजनाओं की लागत 403.89 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 476.97 करोड़ रुपए कर दी गई है। वहीं, गढ़चिरौली मेडिकल कॉलेज परियोजना की लागत 471.41 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 476.97 करोड़ रुपए की गई है।
विभाग ने निर्माण कार्य के लिए कई शर्तें भी तय की हैं। इनमें भूमि स्वामित्व से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करना, आवश्यक विभागों से पूर्व अनुमति लेना, ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से खरीद प्रक्रिया पूरी करना, पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना, इमारतों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करना, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं विकसित करना और सभी परियोजनाओं को यूनिक आईडी-इन्फ्रा आईडी से जोड़ना शामिल है।
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राज्य सरकार का कहना है कि इन आधुनिक मेडिकल परिसरों के तैयार होने से विदर्भ, मराठवाड़ा और मुंबई महानगर क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा। नए मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जबकि 1,720 अतिरिक्त अस्पताल बेड मिलने से मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।