मुख्यमंत्री फडणवीस (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
मुंबई

महाराष्ट्र में रियल एस्टेट के लिए नया DELTA कानून: ब्लॉकचेन से होगा जमीन का टोकनाइजेशन, CM फडणवीस का निर्देश

Maharashtra DELTA Law: रियल एस्टेट में टोकनाइजेशन के लिए महाराष्ट्र सरकार नया DELTA कानून लाने जा रही है। CM देवेंद फडणवीस ने ब्लॉकचेन आधारित इस कानून का ड्राफ्ट बनाने का निर्देश दिया।

रूपम सिंह

Maharashtra DELTA Law Devendra Fadnavis Real Estate: महाराष्ट्र सरकार ने रियल एस्टेट में लेटेंट वैल्यू को ध्यान में रखते हुए एक नया डेल्टा (महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट्स) कानून लाने की पहल की है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कानून को प्रस्तावित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है। साथ ही इस कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का आदेश उन्होंने दिया है। डेल्टा कानून का मसौदा पेश करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक बैठक बुलाई

गई थी। इसमें संबंधित विभागों के मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र को साल 2030 तक 'एक ट्रिलियन डॉलर' की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य हासिल करते हुए आय के नए सोर्स विकसित करने होंगे।

उन्होंने डेल्टा कानून बनाने के लिए सेबी, बीएससी, एनएससी और इस फील्ड के विशेषज्ञों व अनुभवी लोगों की एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून में प्रॉपर्टी की 'लेटेंट वैल्यू' यूटिलिटी की पावर होनी चाहिए। भविष्य में प्रॉपर्टी को टोकन देकर जमीन की वैल्यू बढ़ाई जाएगी, जिससे आय का जरिया बनेगा।

महाराष्ट्र ऐसा कानून लाने वाला पहला राज्य

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ब्लॉकचेन तरीके से टोकन देकर रियल एस्टेट की वैल्यू तय की जाएगी। इसके लिए दुनिया के मौजूदा कानूनों, नियमों और तरीकों की स्टडी की जानी चाहिए। महाराष्ट्र देश में ऐसा कानून प्रस्तावित करने वाला पहला राज्य है। यह कानून महाराष्ट्र के महत्व को भी दिखाएगा।

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होगा जमीन का ट्रांजैक्शन

देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉकचेन तरीके से विकसित होने वाला यह पूरा सिस्टम डिजिटल होगा। इससे जमीन की वैल्यू के हिसाब से टोकन देकर ट्रांजैक्शन किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में जरूरी है कि ऐसे ट्रांजैक्शन को कानूनी सुरक्षा मिले। कानून में ब्लॉकचेन के जरिए होने वाले लेनदेन में प्रॉपर्टी की मालकीयत को स्पेसिफाई किया जाना चाहिए। मौजूदा प्रक्रिया लंबी है।

यदि इस प्रक्रिया को डिजिटल करके टोकनाइजेशन के रूप में लाया जाए, तो इसमें गतिशीलता आएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि संपत्ति मालिकों को अपनी प्रॉपर्टी की वैल्यू का पता लगने से उसे बहुत फायदा मिल सकता है। इस बारे में केंद्र सरकार के नियमों का भी अध्ययन किया जाना चाहिए। नगर विकास, विधि व न्याय विभाग को महाराष्ट्र में ऐसा कानून लाने के प्रोसेस में तेजी लानी चाहिए।

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