मंत्रालय में आयोजित बैठक में मौजूद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर व अन्य अधिकारी (सोर्स: एक्स@MahaDGIPR) 
मुंबई

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला! आशा वर्कर और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलेगा राज्य बीमा योजना का लाभ

Employees State Insurance Scheme: महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने 21 हजार रुपये से कम वेतन वाले ठेका कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को ESIS बीमा योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिए।

आकाश मसने

Maharashtra Asha Worker Bima Yojana: महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा स्वयंसेविकाओं और अल्प आय वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार इन सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा कवच देने के लिए 'राज्य कामगार बीमा योजना' (ESIS) लागू करने की तैयारी में है।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य में 21,000 प्रति माह से कम कमाने वाले आशा वॉलंटियर्स और कॉन्ट्रैक्ट (NHM) कर्मचारियों के लिए 'राज्य कर्मचारी बीमा योजना' (ESIS) का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव तुरंत पेश करें। इस प्रस्ताव का मकसद ऐसे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है।

किन-किन वर्गों को मिलेगा इस योजना का लाभ?

मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री के कमिटी रूम में एक अहम बैठक हुई, जिसमें 21,000 प्रति माह से कम कमाने वाले अलग-अलग तरह के कर्मचारियों को ESIS का लाभ देने पर चर्चा की गई। इस योना का लाभ आशा वॉलंटियर्स, ग्रुप फैसिलिटेटर, स्वास्थ्य विभाग के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, क्रेडिट सोसाइटी के कर्मचारी, राशन की दुकान के कर्मचारी, प्राइवेट स्कूलों के कर्मचारी, स्वरोजगार संगठनों के कर्मचारी और लाइब्रेरी के कर्मचारियों को मिलेगा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव ई. रवींद्रन, ESIS कमिश्नर रमेश चव्हाण, नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर और स्वास्थ्य सेवा कमिश्नर संजय कटकर, एडिशनल कमिश्नर डॉ. सुनील भोकरे, स्वास्थ्य सेवा डायरेक्टर डॉ. विजय कंडेवाड और ESIS डायरेक्टर सोहम वायल शामिल हुए।

महाराष्ट्र में 84,000 आशा कार्यकर्ता

बता दें कि महाराष्ट्र में लगभग 84,000 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं और आम लोगों तक स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग योजनाओं और पहलों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उनकी भूमिका बहुत अहम है। नेशनल हेल्थ मिशन और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (108/102) के तहत काम करने वाले कर्मचारी भी स्वास्थ्य योजनाओं को ठीक से लागू करने में बड़ा योगदान देते हैं। हालांकि, कॉन्ट्रैक्ट पर होने के कारण, इन कर्मचारियों को रेगुलर कर्मचारियों की तरह सोशल सिक्योरिटी का लाभ नहीं मिलता है। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को ESIS के दायरे में लाने के लिए एक सकारात्मक प्रस्ताव पेश किया जाए ताकि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

लंबे समय से हो रही बीमा योजना में शामिल करने की मांग

लंबे समय से राज्य शहरी सहकारी क्रेडिट सोसाइटी फेडरेशन, स्वरोजगार संगठनों, राशन की दुकान के कर्मचारियों के संघों, सार्वजनिक पुस्तकालयों और निजी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी बीमा योजना (ESIS) में शामिल करने की मांग की जा रही है।

मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कम आय वाले इन कर्मचारियों को ESIS योजना का लाभ देने के पक्ष में है। इस कदम का मकसद इलाज के खर्च का बोझ कम करना और दुर्घटना, गंभीर बीमारी या मातृत्व की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

इस पहल से राज्य भर के हजारों आशा कार्यकर्ताओं, समूह सुविधाप्रदाताओं और अनुबंध पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी और साथ ही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली भी और मजबूत होगी।

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