Maharashtra Model Code Of Conduct Special Committee: महाराष्ट्र में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के कारण लागू आदर्श आचार संहिता के दौरान जरूरी प्रशासनिक कामों को जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शासन परिपत्र जारी कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति गठित की है। समिति यह तय करने में मदद करेगी कि आचार संहिता के दौरान किन जरूरी प्रस्तावों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
चुनाव आयोग ने 22 सितंबर को महाराष्ट्र के संभाजीनगर, पुणे और नागपुर के तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों तथा अमरावती और पुणे के दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके बाद संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
सरकार द्वारा गठित विशेष समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव (सेवा), सामान्य प्रशासन विभाग, अपर मुख्य सचिव (वित्त) तथा संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद आदर्श आचार संहिता समाप्त होने के साथ ही यह विशेष समिति भी समाप्त हो जाएगी।
आचार संहिता लागू रहने के दौरान राज्य सरकार के विभाग अपने प्रशासनिक प्रस्ताव सीधे चुनाव आयोग या मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को नहीं भेज सकेंगे। प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से पहले संबंधित विभाग को उसकी प्राथमिक स्तर पर जांच करनी होगी।
संबंधित विभाग को प्रस्ताव के साथ यह स्पष्ट करना होगा कि उससे जुड़े काम को टालना संभव क्यों नहीं है और उसे तत्काल पूरा करना क्यों जरूरी है। इसके बाद ही प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली विशेष समिति के सामने रखा जाएगा।
विशेष समिति प्रस्ताव की जांच करने के बाद अपनी सिफारिश देगी। समिति की सिफारिश के आधार पर ही प्रस्ताव को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी की राय के साथ प्रस्ताव अंतिम निर्णय के लिए भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष भेजा जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव आचार संहिता के दौरान प्रशासनिक कामकाज और जरूरी सरकारी निर्णयों की प्रक्रिया को स्पष्ट बनाए रखना है। साथ ही चुनाव संबंधी नियमों का पालन करते हुए केवल आवश्यक प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।