Mumbai Police Housing Project Approval: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, सहकारी चीनी मिलों, स्थानीय निकायों और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
सहकारी चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन देने, सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए महाराष्ट्र तकनीकी सहायता कक्ष यानी महा-टैक बनाने और हरेगांव के मूल किसानों को जमीन लौटाने के लिए कानून में बदलाव को मंजूरी दी गई। 2025-26 के गन्ना पेराई सत्र में 102 सहकारी चीनी मिलों ने 527.51 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की।
मिलों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बकाया एफआरपी चुकाने और 2026-27 सत्र की तैयारी के लिए सॉफ्ट लोन योजना मंजूर की गई है। इसके लिए अगले सात वर्षों में करीब 738.51 करोड़ रुपए का ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
10 प्रतिशत या बैंक की वास्तविक ब्याज दर, जो कम होगी, उसी आधार पर राहत मिलेगी। समय पर किस्त नहीं चुकाने वाली मिलों को योजना से बाहर किया जाएगा। सरकार की 25 प्रमुख नीतियों का विश्लेषण और 25 जनकल्याणकारी योजनाओं का तिमाही मूल्यांकन करने के लिए बनाया महा-टैक जाएगा।
इनमें लाडली बहन योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत-महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। महा-टैक यह देखेगा कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक समय पर पहुंच रहा है या नहीं।
साथ ही सरकारी धन के इस्तेमाल, खर्च की गुणवत्ता और योजनाओं के वास्तविक परिणाम की जांच की जाएगी। कमियां मिलने पर योजना लागू रहने के दौरान ही सुधार के सुझाव दिए जाएंगे। इसका नियंत्रण मुख्यमंत्री कार्यालय के पास रहेगा और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संचालन व्यवस्था होगी।
मुंबई पुलिस आवास परियोजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में मुंबई पुलिस हाउसिंग टाउनशिप परियोजना के लिए चार अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे परियोजना के कार्यालयीन क्षमता में वृद्धि होगी। मुंबई पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकारी आवासों का निर्माण करने हेतु यह परियोजना चलाई जा रही है।
इसमें मुंबई शहर के 74 भूखंडों पर 40 हजार आवास इकाइयां बनाने की योजना है, जिसके लिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का व्यय अपेक्षित है। पूर्व में परियोजना अध्यक्ष के कार्यालय के लिए 5 पदों का सूजन किया गया था।
परंतु बड़े पैमाने पर नियोजन, विभिन्न सरकारी संस्थाओं के समन्वय, वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए और 4 पदों को मंजूरी दी गई। इनमें एक उप सचिव, एक अवर सचिव तथा दो कक्ष अधिकारी शामिल हैं। इन नए पदों के लिए वार्षिक 63 लाख 3 हजार 156 रुपए का व्यय अपेक्षित है और इस व्यय को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।