Maharashtra Budget Session 2026: महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र कल, 23 फरवरी से शुरू हो रहा है। इस मौके पर महागठबंधन सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए अपना बजट प्रस्ताव पेश करेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में ‘महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र 2026’ की पूर्व संध्या पर ‘चहापान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सत्तापक्ष के नेताओं ने आनंद लिया। वहीं सत्र से एक दिन पहले सरकार द्वारा आयोजित टी पार्टी का विपक्ष ने बहिष्कार किया है।
ज्ञात हो कि यदि बारामती विमान दुर्घटना नहीं हुई होती तो अजित पवार यह बजट पेश करते, लेकिन अब सत्र की शुरुआत में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायी कामकाज पर जोर देने वाले अजित पवार की गैरमौजूदगी इस समय काफी महसूस होगी, जब सदन की कार्यवाही की गंभीरता को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ढाई महीने पहले नागपुर में हुए शीतकालीन सत्र की समापन भाषण में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक हिंदी कविता की चार पंक्तियां सुनाकर भविष्य के लिए अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया था। उन्होंने संकेत दिया था कि महायुति सरकार का सफर अब विकसित महाराष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ेगा।
इसके बाद महायुति को नगर पालिका और जिला परिषद चुनावों में उल्लेखनीय सफलता मिली। माना जा रहा है कि राज्य में वित्तीय संतुलन स्थापित करने के लिए नए प्रयोग शुरू किए जाएंगे। इस अवसर पर वित्तीय अनुशासन को सख्ती से लागू करने की संभावना जताई जा रही है। महायुति सरकार ने अगले पांच वर्षों में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने और अगले दो दशकों में विकसित महाराष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है।
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सरकार ने अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मोर्चे पर कड़ा अनुशासन आवश्यक माना जा रहा है। राज्य पर कर्ज का बोझ 9 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। सरकार को राजकोषीय और राजस्व घाटे को निर्धारित सीमा में रखने के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे।