सीएम देवेंद्र फडणवीस और स्वर्गीय अजित पवार (सौजन्य-IANS) 
मुंबई

अजित पवार की जगह अब कौन पेश करेगा महाराष्ट्र का बजट? 23 फरवरी से शुरू हो रहा सत्र, CM फडणवीस करेंगे फैसला

Maharashtra Finance Minister Responsibility: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र बजट 2026 पर सस्पेंस! उनके जाने के बाद अब कौन संभाल सकते हैं वित्त विभाग की कमान। जानें बजट सत्र की पूरी जानकारी।

प्रिया जैस

Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र ही नहीं, देश की राजनीति के लिए 28 जनवरी का दिन बेहद दुखद रहा। राज्य के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। ‘दादा’ कहे जाने वाले अजित पवार के अचानक चले जाने से सियासत के गलियारों में शोक और असमंजस दोनों हैं।

अजित पवार के निधन के साथ ही अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जैसे एनसीपी की अगली कमान किसके हाथ होगी? सरकार में उनकी जगह कौन लेगा और अब पार्टी के भविष्य की दिशा क्या होगी? इन्हीं सवालों के बीच एक अहम मुद्दा यह भी है कि अगले महीने यानी फरवरी को महाराष्ट्र बजट 2026 कौन पेश करेगा? क्योंकि अजित पवार न सिर्फ उपमुख्यमंत्री थे, बल्कि राज्य के वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी लंबे समय से उनके पास थी।

बजट पेश करने की जिम्मेदारी अब सीएम के कंधों पर?

राज्य सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा हालातों को मद्देनजर रखते हुए इस वर्ष का बजट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं विधानसभा में पेश कर सकते हैं। अब तक यह जिम्मेदारी अजित पवार निभाते आए थे, उन्होंने 11 बार सदन में बजट प्रस्तुत किया था। उनके असामयिक निधन के चलते अब यह परंपरा टूट गई है। सूत्र बताते हैं कि पिछले सप्ताह ही अजित पवार ने आगामी बजट को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी और विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा भी हुई थी। माना जा रहा था कि वे इस बार भी बजट पेश करेंगे और महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे अधिक बार बजट प्रस्तुत करने के रिकॉर्ड की बराबरी के करीब पहुंच जाएंगे। यह रिकॉर्ड पूर्व वित्त मंत्री शेषराव वानखेड़े (13 बार) के नाम दर्ज है। इस रिकॉर्ड से अजित पवार सिर्फ दो कदम दूर थे।

सीएम फडणवीस बजट पर सक्रिय

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में बजट को अंतिम रूप देने और सदन में पेश करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंपी गई है। देवेंद्र फडणवीस पहले भी वित्तीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर उनकी स्पष्ट पकड़ मानी जाती है। ऐसे में संभावना है कि वे खुद बजट पेश करें।

23 फरवरी से बजट सत्र

महाराष्ट्र का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा। यह सत्र इसलिए भी अहम है क्योंकि सरकार को विकास योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के साथ-साथ सामाजिक कल्याण, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर फोकस करना है।

बजट का चेहरा रहे अजित पवार

अजित पवार लंबे समय तक महाराष्ट्र की वित्तीय नीति का चेहरा रहे। किसानों के लिए राहत पैकेज, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रावधान और सामाजिक योजनाएं उनके बजट की पहचान रहीं। व्यावहारिक और आंकड़ों पर आधारित प्रस्तुति उनकी खासियत थी। उनके जाने से राज्य की राजनीति और प्रशासन में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है। अब उस विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती मुख्यमंत्री फडणवीस के सामने होगी।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी