मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

महाराष्ट्र बजट 2026: बढ़ते कर्ज के बीच 'लाडकी बहिन' को मिलेगा और फंड? फडणवीस के पिटारे पर टिकी निगाहें

Maharashtra Budget 2026: मुख्यमंत्री फडणवीस कल महाराष्ट्र का बजट पेश करेंगे। 9.25 लाख करोड़ के कर्ज और भारी राजस्व घाटे के बीच, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं में संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Maharashtra Budget Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार के वार्षिक बजट के एक दिन पहले मुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद अब शुक्रवार 6 मार्च को पेश होने वाले राज्य के आर्थिक बजट पर लोगों की नजरें लगी हुईं हैं। देश के सबसे अमीर राज्य महाराष्ट्र को देश का ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। इसके बावजूद राज्य पर बढ़ता कर्ज का बोझ भी चिंता का विषय बना हुआ है।

अनुमान के मुताबिक इस समय राज्य सरकार पर सवा 9 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया है। इससे राज्य सरकार के वित्त पर दबाव बढ़ रहा है। आवश्यक सेवाओं और परियोजनाओं को शुरू रखने के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है। इसी सत्र में राज्य विधिमंडल में अब तक 11,995.33 करोड़ रुपये के पूरक बजट प्रस्ताव पेश किए। सरकार राजस्व घाटे को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है, जो वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बड़े खर्चों की मंजूरी के बाद पहले ही 2 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका है।

महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' पर खर्च का बड़ा दबाव है। इसके लिए सालाना लगभग 45 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है। सरकार के पास आय बढ़ाने की चुनौती भी है।

इन योजनाओं पर होगा सरकार का ध्यान

6 मार्च को स्वयं मुख्यमंत्री जिनके पास इस समय वित्त मंत्रालय भी है,वे बजट पेश करेंगे। देवेंद्र फडणवीस पहले से ही खर्चों पर लगाम लगाने के लिए जाने जाते हैं। इसके बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बजट में कई बड़ी परियोजनाओं के लिए घोषणाएं हो सकती हैं। इनमें पुणे-नाशिक हाई-स्पीड रेल, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, पालघर में वाढवण बंदरगाह का विकास, मुंबई वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ नागपुर,नाशिक,पुणे जैसे शहरों में ग्रोथ सेंटर बनाना शामिल हैं।

माना जा रहा है कि सरकार अपनी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' जैसी लोकप्रिय योजनाओं को भी जारी रखेगी। इस योजना में महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा राज्य के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व स्वास्थ्य योजनाओं पर अतिरिक्त राशि देनी है।

उद्योग एवं ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सीएम नई घोषणा कर सकते हैं। अन्य महत्वपूर्ण आवंटनों में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, चिकित्सा शिक्षा, ग्रामीण विकास और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए भी बजट में प्रावधान होगा।

शहरीकरण पर केंद्रित बजट

राज्य सरकार के इस बजट में शहरीकरण को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर विशेष नजर होगी। सड़क, मेट्रो, आद्योगिक कॉरोडोर और लॉजिस्टिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश लाने और उससे जीएसटी व अन्य टैक्स के माध्यम राज्य सरकार व स्थानीय निकायों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार की बढ़ोतरी पर केंद्रित बजट की संभावना जताई गई है।

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