वारिस पठान 
मुंबई

महाराष्ट्र का माहौल बिगाड़ने की साजिश? वारिस पठान ने BJP की भूमिका पर उठाए सवाल, मचा सियासी बवाल!

Maharashtra News: एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने अहिल्या नगर विवाद की जांच की मांग की, भाजपा पर राज्य का माहौल खराब करने की साजिश का आरोप लगाया, साथ ही चिदंबरम बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।

अर्पित शुक्ला

Mumbai News: एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में हाल में हुए विवाद पर कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश सरकार की आलोचना भी की। उन्‍होंने कहा कि भाजपा के लोग राज्य का वातावरण खराब करने की साजिश करते हैं।

वारिस पठान ने आईएएनएस से खास बातचीत के दौरान कहा कि अहिल्या नगर में हाल में हुए विवाद की पूरी जांच होनी चाहिए। कौन थे वे लोग जिन्होंने रास्ते पर ‘आई लव मोहम्मद, आई लव जिहाद’ लिखकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की? भाजपा के लोग राज्य का वातावरण खराब करने की साजिश करते हैं। देखिए, हुजूर के शान में कोई गुस्ताखी करेगा तो कोई भी माफ नहीं करेगा, लेकिन किसी को भी कायदा-कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। लोगों को कानून व्‍यवस्‍था का ध्‍यान देना चाहिए।”

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद यूपीए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई नहीं की थी। भाजपा ने इस खुलासे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। इसी बीच एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी।

वारिस पठान ने कहा कि “पी. चिदंबरम इतने बड़े आदमी हैं, उनसे सवाल करना चाहिए। हमने तो देखा था कि 26/11 में पाकिस्तानी आतंकवादी आए और निर्दोष लोगों को मार डाला। हमारे मुंबई पुलिस के बहादुर सिपाही तुकाराम ओंबळे ने अपनी जान देकर उसे जिंदा पकड़ा। बाद में उसे जेल हुई और फांसी दी गई। मगर मुंबई के मुसलमानों ने भी अपना जिगर दिखाया और उस आतंकवादी को मुंबई में दफनाने की इजाजत नहीं दी।”

इसी दौरान महाराष्ट्र में आई बाढ़ को लेकर भी उन्होंने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई की मांग की। पठान ने कहा कि “महाराष्ट्र में बाढ़ से जबरदस्त तबाही हुई है। सरकार को चाहिए कि किसानों को उचित पैकेज दे और उनके नुकसान की पूरी भरपाई करे। हमारे किसान कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं और हम सबको भोजन मिलता है। अगर उनकी फसल बर्बाद होती है, तो सरकार को जिम्मेदारी के साथ उन्हें मुआवजा देना चाहिए। -एजेंसी इनपुट के साथ

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