एलटीटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी: मध्य रेल के कर्मचारियों ने कराई सुरक्षित प्रसूति, मां-बेटा दोनों स्वस्थ

LTT Dibrugarh Express: भुसावल-इटारसी के बीच एलटीटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में एक गर्भवती महिला ने रेल स्टाफ व सह-यात्रियों की मदद से बच्चे को जन्म दिया। हरदा स्टेशन पर दोनों को अस्पताल भेजा गया।

रूपम सिंह

LTT Dibrugarh Express Train Delivery Baby Born In Train: पटरी पर दौड़ रही एलटीटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में शनिवार शाम एक ऐसा भावुक और यादगार पल आया, जिसे वहां मौजूद यात्री शायद ही कभी भूल पाएंगे। प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला की मदद के लिए मध्य रेल के रनिंग स्टाफ, टीटीई और महिला सह यात्री फरिश्ता बन गये और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उसी के बदौलत चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ शिशु का सुरक्षित जन्म हुआ।

नवजात की पहली किलकारी गूंजते ही पूरे कोच में खुशी और राहत का माहौल बन गया। बाद में हरदा स्टेशन पर मां और शिशु को तत्काल चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां दोनों की हालत स्वस्थ बताई गई है। घटना 30 मई की शाम की है। ट्रेन संख्या 15945 एलटीटी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस भुसावल और इटारसी के बीच अपने सफर पर थी। इसी दौरान रवि चौधरी नामक यात्री ने ट्रेन कंडक्टर एसपी फिरके और टिकट परीक्षक अंबरीश कुमार तिवारी से मदद की गुहार लगाई, उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ज्योति को

अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलकर्मियों ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी। कोच बी-6 की गैलरी में कंबलों और चादरों की मदद से एक सुरक्षित और अपेक्षाकृत निजी स्थान तैयार किया गया। महिला यात्रियों ने भी आगे बढ़कर गर्भवती महिला को संभाला और उसका हौसला बढ़ाया। इस बीच ट्रेन स्टाफ ने भोपाल कंट्रोल को सूचना देकर हरदा स्टेशन पर डॉक्टर, एम्बुलेंस और अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

LTT-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस : खुशियों में बदला माहौल

मगर बच्चे को दुनिया में आने की इतनी जल्दी थी कि हरदा स्टेशन पहुंचने का इंतजार नहीं हो सका। शाम करीब 5.40 बजे चलती ट्रेन में ही महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया, जैसे ही नवजात के रोने की पहली आवाज कोच में गूंजी, यात्रियों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ दिखाई देने लगी। कुछ देर पहले तक चिंता और बेचैनी से भरा माहौल अचानक खुशियों में बदल गया।

ट्रेन शाम 6.07 बजे हरदा स्टेशन पहुंची, जहां रेलवे सुरक्षा बल, स्टेशन स्टाफ महिला कांस्टेबल और चिकित्सा सहायता टीम पहले से मौजूद थी। चूंकि उस समय तक नवजात की नाल नहीं काटी गई थी। इसलिए मां और शिशु को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां दोनों को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

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