मुंबई

जानिए बालासाहेब ठाकरे के कार्टूनिस्ट से किंग मेकर बनने की रोचक कहानी

प्रभाकर दुबे

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति को अपने इशारों पर नचाने वाले शिवसेना पार्टी (Shiv Sena) के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) का आज जन्म दिन है। बालासाहेब ठाकरे का पूरा नाम बाल केशव ठाकरे है। बाला साहब ठाकरे करीब 46 वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में रहे। उन्होंने कभी कोई चुनाव (Election) नहीं लड़ा, न ही कोई राजनीतिक पद स्वीकार किया, फिर भी महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे। 

मुंबई (Mumbai) को अपना गढ़ बनाकर काम करने वाले बालासाहेब ठाकरे अपने विवादित बयानों की वजह से अक्सर सुर्खियां बटोरते रहे। वो हमेशा अपनी शर्तों पर जीते थे। उनके एक इशारे पर महाराष्ट्र की राजनीति घूमती थी। बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र के किंग मेकर (King Maker) थे। सरकार में ना रहते हुए भी सभी फैसले लेते थे। महाराष्ट्र के पुणे (Pune) में 23 जनवरी 1926 को जन्मे बालासाहेब ठाकरे ने अपने करियर की शुरुआत एक कार्टूनिस्ट (Cartoonist) के तौर पर की थी। बालासाहेब ठाकरे ने अपने करियर की शुरुआत 'द फ्री प्रेस जर्नल' से की। करियर के कुछ दिनों के बाद उनके बनाए गए कार्टून 'टाइम्स ऑफ इंडिया' में भी छपे। 1960 में बालासाहेब ठाकरे ने नौकरी छोड़ दी और 'मार्मिक' नाम से अपनी खुद की मैगजीन शुरू की। 

 शिवसेना के नाम से बनाई राजनीतिक पार्टी

बालासाहेब ठाकरे ने वर्ष 1966 में शिवसेना के नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई। उन्होंने अपनी विचारधारा आम जन तक पहुंचाने के लिए 'सामना' नामक अखबार शुरु किया। मराठी भाषा में सामना के अतिरिक्त उन्होंने हिन्दी भाषा में ‘दोपहर का सामना’ अखबार भी निकाला। इस प्रकार महाराष्ट्र में हिन्दी और मराठी में दो-दो प्रमुख अखबारों के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ही थे। सन 1995 में भाजपा-शिवसेना के गठबन्धन ने महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाई और उन्होंने शिवसेना को सत्ता की सीढ़ियों पर पहुंचा दिया।

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