जोगेश्वरी टर्मिनस (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Mumbai Railway: अब दादर या मुंबई सेंट्रल नहीं जाना पड़ेगा, जोगेश्वरी से चलेंगी लंबी दूरी की ट्रेनें

Mumbai के यात्रियों के लिए राहत की खबर है। पश्चिम रेलवे इस साल के अंत तक जोगेश्वरी टर्मिनस का निर्माण पूरा करेगा। इसके बाद यहां से लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू होगा।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: मुंबई के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए अब दादर, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, बांद्रा, मुंबई सेंट्रल या कुर्ला तक जाने की मजबूरी जल्द खत्म होने वाली है।

पश्चिम रेलवे इस साल के अंत तक जोगेश्वरी टर्मिनस का निर्माण पूरा करने की तैयारी में है, जिसके बाद यहां से भी लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

सातवें टर्मिनस के रूप में जोगेश्वरी का विकास

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने अपने सातवें टर्मिनस के रूप में जोगेश्वरी को विकसित करने का फैसला किया है। इस टर्मिनस से प्रतिदिन 12 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की योजना है, जिनमें दिल्ली और उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनें भी शामिल रहेंगी।

अमृत भारत स्टेशन विकास योजना

यह नया टर्मिनस अमृत भारत स्टेशन विकास योजना के तहत तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लंबी दूरी की ट्रेनों की ऑरिजिनेशन संख्या बढ़ाना और मौजूदा प्रमुख टर्मिनस पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। जोगेश्वरी टर्मिनस का निर्माण राम मंदिर और जोगेश्वरी स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे की जमीन पर किया जा रहा है। पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह स्टेशन सुविधाजनक साबित होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, टर्मिनस पर कवर शेड, सर्विस बिल्डिंग, प्लेटफॉर्म और स्टेशन भवन का काम तेजी से चल रहा है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 76.84 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। टर्मिनस के चालू होने के बाद आसपास के इलाकों के यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए मुंबई सेंट्रल, दादर, बांद्रा, बोरीवली या अंधेरी जैसे व्यस्त स्टेशनों तक नहीं जाना पड़ेगा।

प्रारंभिक योजना के तहत पहले चरण के लिए 51 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था, जिसमें दो प्लेटफॉर्म और तीन रेलवे लाइनों का निर्माण शामिल था। हालांकि, प्रोजेक्ट में देरी और अन्य कारणों से लागत बढ़कर लगभग 76 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह टर्मिनस 24 डिब्बों वाली ट्रेनों के संचालन में सक्षम होगा।

इसके साथ ही फेज-दो का काम भी शुरू हो चुका है। इस चरण में एक नया आइलैंड प्लेटफॉर्म, पिट लाइन और शंटिंग नेक का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही और संचालन और अधिक सुचारू हो सकेगा।

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