Jayant Patil Next Finance Minister: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में एक नए फार्मूले पर खिचड़ी पक रही है। दावा किया जा रहा है कि शरद पवार की राकां का जल्द ही बीजेपी में विलय हो सकता है और बड़े पवार के करीबी व राकां के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल महायुति सरकार में बीजेपी के नए वित्त मंत्री बन सकते हैं। ऐसी अटकलें मंगलवार की रात वर्षा पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुए जयंत पाटिल की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लगाई जा रही हैं। उल्लेखनीय यह है कि बैठक के दौरान महायुति सरकार में शामिल राकां अजीत पवार गुट के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भी वर्षा पर मौजूद थे। दावा किया जा रहा है कि सभी की मौजूदगी में नए फॉर्मूले पर मंथन किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दूसरी बार बगावत के बाद शरद पवार की राकां के टूटने को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। लेकिन दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन बिल को समर्थन के संकेत और राकां के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मंगलवार की रात वर्षा पर अचानक हुई मुलाकात के जरिए शरद पवार ने अपनी पार्टी को टूटने से बचाने के लिए खुद ही बीजेपी से हाथ मिलाने की तैयारी कर ली है।
महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय पहले राकां अजित पवार के हिस्से में था। बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए विमान हादसे में अजीत पवार के निधन के बाद फडणवीस ने वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। लेकिन अजीत गुट वित्त मंत्रालय फिर से मांग रहा है।
ऐसे में फडणवीस ने पहले वित्त मंत्री रह चुके राकां नेता जयंत पाटिल को वित्त मंत्री बनाने का फार्मूला अजित पवार गुट के प्रमुख नेताओं के समक्ष रखा है। माना जा रहा है कि पटेल और तटकरे पहले लंबे समय तक शऱद पवार के नेतृत्व में राकां में रह चुके हैं। इसलिए फडणवीस का नया फार्मूला मंजूर कर लिया जाएगा।
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जयंत पाटील ने राकां के बीजेपी या किसी अन्य पार्टी में विलय तथा गठबंधन की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि वे उरण-ईश्वरपुर के नगराध्यक्ष के अयोग्यता मामले पर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। वित्त मंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बार-बार ऐसी चर्चाएं होने से मुझे दुख होता है। पाटिल ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात केवल इस्लामपुर क्षेत्र के ईश्वरपुर नगर परिषद अध्यक्ष की अयोग्यता से जुड़े मामले को लेकर थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी न तो प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे से कोई मुलाकात हुई और न ही मुख्यमंत्री के साथ कोई संयुक्त बैठक हुई। वहीं सुप्रिया सुले ने भी कहा कि एनडीए में शामिल होने या केंद्र के पुनर्निर्धारण विधेयक का समर्थन करने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। विधेयक का अध्ययन करने के बाद ही पार्टी अपना रुख तय करेगी।