Sanjay Raut on Lockdown: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच भारत में ईंधन संकट की अटकलों ने एक नया मोड़ ले लिया है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर 'ऊर्जा लॉकडाउन' की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे आम जनता के बीच भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के एक हालिया बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। राउत ने दावा किया है कि मोदी सरकार देश में ईंधन (पेट्रोल और डीजल) की बचत करने के उद्देश्य से 10 से 15 दिनों का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
हालांकि, केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। प्रशासन का कहना है कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा नहीं है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि वे इस तरह की फर्जी खबरों पर ध्यान न दें। संजय राउत के इस दावे ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच एक नई जुबानी जंग छेड़ दी है, जहाँ एक ओर जनता राशन और तेल जमा करने की होड़ में दिख रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार इसे कूटनीतिक रूप से संभालने की कोशिश कर रही है।
संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और खाड़ी देशों से आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए "लॉकडाउन" जैसा कड़ा कदम उठा सकती है ताकि देश के भीतर तेल की खपत को कृत्रिम रूप से कम किया जा सके। उनके अनुसार, यह लॉकडाउन कोरोना काल की तरह बीमारी के कारण नहीं, बल्कि आर्थिक और संसाधनों के प्रबंधन के कारण लगाया जा सकता है। इस बयान ने उन अफवाहों को बल दे दिया है जो पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप ग्रुप्स में तैर रही थीं।
ये भी पढ़ें- कौन हैं नरहरी झिरवाल? ट्रांसजेंडर संग वायरल वीडियो से इस्तीफे की मांग तक, जानें क्या है पूरा मामला
विपक्षी नेताओं के दावों और जनता के बीच बढ़ती घबराहट को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि "लॉकडाउन" की खबरें पूरी तरह से आधारहीन और काल्पनिक हैं। मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) को पहले ही सुरक्षित कर लिया है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष के बावजूद भारत की तेल कंपनियों के पास अगले कई हफ्तों के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी तरह की 'राशनिंग' या पाबंदी की कोई योजना नहीं है।
मुंबई और ठाणे सहित कई बड़े शहरों की पुलिस ने सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि 2020 के लॉकडाउन की यादें लोगों के मन में अभी भी ताजा हैं, जिसका फायदा कुछ शरारती तत्व उठा रहे हैं। मुंब्रा और साकीनाका जैसे इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है ताकि पैनिक बाइंग को रोका जा सके। साइबर सेल उन हैंडल्स की जांच कर रही है जिन्होंने संजय राउत के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया या जो बिना किसी आधार के लॉकडाउन की तारीखें घोषित कर रहे हैं।