India Fuel Crisis Petrol Gas Shortage: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के चलते देश में लगातार गैस और पेट्रोल का संकट गहराता जा रहा है।
एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए लंबी लाइन लग रही है वहीं पेट्रोल पंप पर नो स्टॉक के बोर्ड लगने लगे हैं। जिन पंपों पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है, उन पर भीड़ के चलते घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार का दावा है कि देश में पेट्रोल-गैस का पर्याप्त भंडार है। लगातार ईंधन लेकर जहाज आ रहे हैं। चिंता का कोई विषय नहीं है। संकट जैसे हालात सिर्फ अफवाह के कारण बने हैं। बावजूद सरकार ने सभी राज्यों को गैस संकट से निपटने के लिए 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया है।
जिसमें महाराष्ट्र को करीब 37,440 किलोलीटर केरोसिन प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार ने इसके बाद प्रत्येक राशनकार्ड धारक को 3 लीटर केरोसिन देने की व्यवस्था की है। यह जानकारी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने देते हुए बताया कि राशन दुकानों के अलावा पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन बांटा जाएगा। इन तमाम दावों और व्यवस्थाओं के बीच सवाल अब भी वही बना हुआ है कि पर्याप्त भंडारण होने के बाद भी गैस और पेट्रोल की किल्लत क्यों बनी हुई है?
देश के सभी राज्यों में गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है। 25 दिन बाद बुकिंग होने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। डिलीवरी ओटीपी मैसेज लेकर लोग एजेंसियों पर लंबी लाइन लगाने के लिए मजबूर हैं। इन हालातों में गैस खत्म होने पर लोग अब चूल्हे पर खाना पका रहे हैं,
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केरोसिन सभी राशन कार्ड धारकों को उपलब्ध कराया जाएगा, न कि केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को। अधिकारियों ने बताया कि राज्य को प्रारंभिक स्तर पर 3,750 किलोलीटर कैरोसिन का कोटा प्राप्त होगा जिसे उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन कार्ड धारकों को वितरित किया जाएगा।
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सबसे पहले उन थोक विक्रेताओं की पहचान करनी होगी जो तेल कंपनियों से केरोसिन खरीदेंगे। किफायती दुकानों के माध्यम से केरोसिन का वितरण एक पुरानी योजना थी जो 7-8 साल पहले बंद हो गई थी। उन्होंने कहा कि हमें पहले आपूर्ति शुरू करनी होगी और फिर मांग का आकलन करना होगा।