Harshwardhan Sapkal On Amit Shah Mumbai Visit: 'सुप्रीम कोर्ट के तर्कों से डरकर महाराष्ट्र आए अमित शाह', धनुष-बाण विवाद पर कांग्रेस का हमला। केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह के मुंबई दौरे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सपकाल ने अमित शाह की मुंबई यात्रा और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे शिवसेना के असली-नकली विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है।
सपकाल ने तंज कसते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के धारदार तर्कों के बाद पैदा हुई खलबली के कारण ही अमित शाह को जल्दबाजी में महाराष्ट्र का रुख करना पड़ा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने निर्वाचन आयोग के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा, "सिब्बल ने शीर्ष अदालत में साबित किया कि केवल विधायकों की संख्या के आधार पर असली पार्टी का फैसला नहीं हो सकता। चुनाव आयोग ने शक्तियों का दुरुपयोग कर एकनाथ शिंदे गुट को 'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह सौंपा। सुप्रीम कोर्ट की इन सख्त टिप्पणियों ने सत्ताधारी पक्ष की नींद उड़ा दी है और इसी घबराहट में अमित शाह को मुंबई भागना पड़ा।"
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के छह सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई हालिया मुलाकात पर भी सपकाल ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि कानूनी संकट से उबरने का एक 'इलाज' थी।
सपकाल ने हमला बोलते हुए कहा कि इस मुलाकात के जरिए मैसेज दिया गया। आगे सपकाल ने कहा-"डरो मत, नैतिकता से मत डरो, संविधान से मत डरो, तुम अब भी पार्टियां और सांसद तोड़ सकते हो।" उन्होंने जोर देकर कहा कि असली धनुष-बाण बालासाहेब ठाकरे की विरासत है, जो उद्धव ठाकरे को ही मिलना चाहिए।
हर्षवर्धन सपकाल ने केंद्र सरकार द्वारा जल्दबाजी में परिसीमन विधेयक संसद में लाने की कोशिशों का दावा करते हुए कहा कि भाजपा को देश में बदलते राजनीतिक माहौल का अहसास हो चुका है।
इसके साथ ही उन्होंने आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z (युवा पीढ़ी) के साथ संवाद कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संघ युवाओं को सवाल न पूछने की सीख देता है और यही उसकी वैचारिक हार है।