गुंडे को गन लाइसेंस...मंत्री कदम पर CM फडणवीस लेंगे फैसला, शिंदे बोले- डरने की जरूरत नहीं 
मुंबई

गुंडे को गन लाइसेंस...मंत्री कदम पर CM फडणवीस लेंगे फैसला, शिंदे बोले- डरने की जरूरत नहीं

Devendra Fadnavis: शस्त्र लाइसेंस विवाद में फंसे गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने उपमुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात कर सफाई दी। सीएम फडणवीस और शिंदे ने किया कदम का बचाव।

अर्पित शुक्ला

Mumbai News: दशहरा सम्मेलन में उद्धव ठाकरे पर लगाए गए रामदास कदम के आरोपों से गुस्साए शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) पार्टी के नेता गृह राज्यमंत्री योगेश कदम के पीछे हाथ धो कर पड़ गए हैं। गैंगस्टर निलेश घायवाल के भाई सचिन घायवाल को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का सनसनीखेज आरोप लगाकर यूबीटी के नेता अनिल परब ने योगेश को घेरने का प्रयास किया था। यूबीटी सहित विपक्ष के कई नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से योगेश कदम को मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच योगेश ने शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिल कर अपने खिलाफ लगे आरोपों के संदर्भ में सफाई दी।

पुणे के कुख्यात अपराधी निलेश घायवाल पुलिस को चकमा देकर लंदन फरार हो गया। इसके उपरांत नीलेश के भाई सचिन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए शस्त्र लाइसेंस की मांग की थी। आरोप है कि पुलिस आयुक्त ने सचिन को लाइसेंस देने से इनकार कर दिया था लेकिन गृह राज्यमंत्री योगेश कदम के हस्ताक्षर के बाद सचिन को लाइसेंस जारी कर दिया गया। यूबीटी के नेता योगेश के साथ-साथ सीएम देवेंद्र फडणवीस को भी घेरने का प्रयास करने लगे। मामला तूल पकड़ने लगा तो योगेश के खिलाफ उनकी अपनी पार्टी में ही विरोधी शुरू हो गया था। इसलिए योगेश ने डीसीएम शिंदे से मिलने मुक्तागिरी बंगले पर गए थे।

दो घंटे इंतजार के बाद खाने पर चर्चा

सूत्रों का दावा है कि शिंदे की व्यस्तता के कारण योगेश को दो घंटे इंतजार करना पड़ा, लेकिन बाद में शिंदे ने उनके साथ खाना खाने के दौरान चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान शिंदे ने योगेश को ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि यदि आपने कुछ गलत नहीं किया है तो डरें नहीं और विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दें।

सीएम फडणवीस ने भी किया बचाव

इस मामले में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी योगेश का बचाव किया है। नासिक दौरे पर आए सीएम देवेंद्र ने कहा कि सचिन के शस्त्र लाइसेंस नहीं दिया गया है। यह मामला गृह राज्यमंत्री कदम के संज्ञान में आया था। लेकिन पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस नहीं दिया गया है। इसलिए विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं।

"छोटे-बड़े तूफ़ानों से पहाड़ नहीं हिलते"

गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने एक ट्वीट के जरिए अपना पक्ष रखते हुए विपक्ष पर गंदी राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग 2019 से ही उनके राजनीतिक करियर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वह शिवसैनिकों के समर्थन से चुनाव जीतकर सत्ता में आए हैं। कदम ने ट्वीट में कहा कि 2024 के चुनावों में उनके परिवार और निजी जीवन को निशाना बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। समाज, पैसा और जाति के आधार पर गंदी राजनीति की गई।

इतना ही नहीं, उनकी मां को भी इसमें घसीटने का घिनौना प्रयास किया गया। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, जनता ने उन पर दूसरी बार विश्वास जताया और उन्हें चुना। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी उन पर भरोसा जताया और उन्हें गृह राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लगातार उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैं कभी विचलित नहीं हुआ। उन्होंने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि छोटे-बड़े तूफानों से पहाड़ नहीं हिलते।

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