आदित्य ठाकरे।(सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

BMC के चुनाव जल्द कराएं सरकार, आदित्य ठाकरे ने विधानसभा में उठाई मांग

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने लंबे समय से लंबित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव कराने की शुक्रवार को मांग की। मुंबई के वर्ली से विधायक आदित्य ठाकरे ने विधानसभा में कहा कि इस महानगर में दो साल से अधिक समय से पार्षद नहीं हैं और 15 नगर वार्ड अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं।

आकाश मसने

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव लंबे समय से लंबित है। वर्तमान निगम आयुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भूषण गगरानी महानगरपालिका के प्रशासक के रूप में भी काम कर रहे हैं। विपक्ष द्वारा बार-बार चुनाव कराने की मांग करता रहता है।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने लंबे समय से लंबित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव कराने की शुक्रवार को मांग की। मुंबई के वर्ली से विधायक आदित्य ठाकरे ने विधानसभा में कहा कि इस महानगर में दो साल से अधिक समय से पार्षद नहीं हैं और 15 नगर वार्ड अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ठाकरे ने कहा कि ‘‘लोगों को नगर निकाय स्तर पर किए जाने वाले कामों को लेकर भी स्थानीय विधायकों के पास जाना पड़ता है।''

अधिकारियों के खाली पद भरने दिए निर्देश

महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सदन में कहा कि सरकार ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग को वार्ड अधिकारियों के खाली पदों को भरने के निर्देश दिए है। बीएमसी तथा ठाणे और पुणे समेत बड़े नगर निगमों के चुनाव 2022 से ही लंबित हैं। वर्तमान निगम आयुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भूषण गगरानी महानगरपालिका के प्रशासक के रूप में भी काम कर रहे हैं। फरवरी में महानगरपालिका के लिए 2024-25 के लिए 59,954.75 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया।

जानिए, क्यों हो रही है देरी

2022 में कोविड-संबंधी लॉकडाउन की पाबंदियों के कारण शुरू में कई नगर निगम के चुनाव टालने पड़े थे। उसके बाद ओबीसी कोटे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस शुरू हुआ। एमवीए सरकार ने बीएमसी में वार्डों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 कर दी जिसके कारण चुनाव में देरी हई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वार्डों की संख्या पर फैसला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। बीएमसी समेत राज्य के 23 नगर निगमों और 26 जिला परिषदों के चुनाव में देरी हुई है। कुल मिलाकर बीएमसी के अलावा अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव से जुड़े ओबीसी आरक्षण को लेकर करीब एक दर्जन याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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