गोवंडी-मानखुर्द में 4 अवैध RMC प्लांटों के खिलाफ 13 नगरसेवक एकजुट।
BMC का एक प्लांट 22 अक्टूबर से बंद होगा, 3 अन्य पर भी फैसला जल्द।
प्रदूषण से परेशान स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य का मुद्दा नगरसेवकों ने उठाया।
Govandi Mankhurd Illegal RMC Plants: गोवंडी-मानखुर्द (एम-पूर्व वार्ड) इलाके में जनहित के मुद्दे पर अभूतपूर्व राजनीतिक एकजुटता की मिसाल देखने को मिली है। एआईएमआईएम के नगरसेवक और स्टैंडिंग कमिटी सदस्य जमीर कुरैशी ने क्षेत्र में चल रहे 4 अवैध रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्रों के खिलाफ प्रभाग समिति में लगातार आवाज उठाई और विरोध दर्ज कराया।
इस जनसमस्या को देखते हुए भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और यूबीटी समेत विभिन्न दलों के 13 नगरसेवकों ने अपनी दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर कुरैशी का खुलकर समर्थन किया। इस सर्वदलीय राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए बीएमसी प्रशासन ने अपने अधीन चल रहे एक आरएमसी के रेडी डेवलपमेंट कंक्रीट (आरडीसी) प्लांट को 22 अक्टूबर से बंद करने का फैसला सुनाया है। वहीं, म्हाडा के नियंत्रण वाले शेष 3 आरएमसी प्लांटों को भी स्थायी रूप से बंद करने के लिए आपात बैठक बुलाकर ठोस आश्वासन दिया गया है।
पिछले दस वर्षों से गोवंडी-मानखुर्द इलाके के लोग एसएमएस (बायोमेडिकल वेस्ट) कंपनी, देवनार डंपिंग ग्राउंड और 4 रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों से फैलने वाले जहरीले प्रदूषण से त्रस्त हैं। इससे नागरिकों का जीना दुश्वार हो गया था। इनमें सबसे अधिक जानलेवा आरएमसी प्लांट हैं। आरएमसी प्लांट के वाहनों से सीमेंट, मलबा और गंदा पानी लगातार सड़क पर गिरता है, जिससे सतह पर गीली और चिकनी परत जम जाती है।
प्रतिदिन तेज रफ्तार या अचानक ब्रेक लगाने पर दर्जनों मोटरसाइकिल फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने दिसंबर 2025 में ही ओम गहलोत ऑपरेटर, एनसीसी लिमिटेड, रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को बंद करने का स्पष्ट आदेश जारी किया था।
इसके बावजूद ये प्लांट नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पिछले एक साल से अवैध रूप से चल रहे थे चिकित्सकीय दृष्टिकोण से देखें तो, इन प्लांटों से उड़ने वाले सीमेंट और कंक्रीट के अत्यंत चारीक कण हवा में तैरते रहते हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी थी कि, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का श्वसन तंत्र पूरी तरह चरमरा गया था।
इतना ही नहीं स्थानीय डॉक्टरों और क्लीनिकों के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 600 से अधिक नए मरीज टीबी, अस्थमा, सांस और आंखों की जलन की तकलीफ तथा कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
अगर बीएमसी वादे से मुकरी और प्लांट बंद नहीं किया तो, पार्टी का एजेंडा छोड़कर जनता के एजेंडे पर मनपा के खिलाफ उग्र जन आंदोलन किया जाएगा।नवनाथ बन-भाजपा नगरसेवक
आरएमसी प्लांट के बाद अब हम एसएमएस कंपनी और अन्य अवैध कामों को बंद करने के लिए, बीएमसी में आवाज उठाएंगे। जिससे स्थानीय लोगों की जान और स्वास्थ्य से खिलवाड़ बंद हो।विठ्ठल लोकरे, नगरसेवक, यूबीटी
लोगों के स्वास्थ्य और बढ़ती जहरीली हवा को देखते हुए इस मुद्दे को उठाया था। मुझे खुशी है कि सभी पार्टियों के नगरसेवकों ने इसे गंभीरता से लिया और मेरा साथ दिया। जिसकी वजह से आरएमसी प्लांटों को बंद करने का आश्वासन मनपा ने दिया गया है।जमीर कुरैशी-नगरसेवक-एआईएमआईएम
क्या यहाँ के लोगों को साफ हवा का हक नहीं? एमएसएम और देवनार जैसे सारे हानिकारक प्रोजेक्ट्स इसी इलाके में क्यों थोपे गए हैं? क्या यहाँ इंसान नहीं रहते? बीमारियों के सिवा अस्पतालों में कोई सुविधा नहीं मिलती। गरीबों के साथ यह भेदभाव क्यों?समृद्धि काते, नगरसेविका, शिवसेना शिंदे गुट