मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समीक्षा बैठक (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मुंबई

अब बुझेगी मुंबई की प्यास, 3065 करोड़ की गारगाई बांध परियोजना को CM फडणवीस की हरी झंडी

Gargai Dam Project: मुंबई और MMR में पानी की किल्लत दूर करने के लिए पालघर में 3,065 करोड़ की गारगाई बांध परियोजना को मई 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य। CM ने दिए निर्देश।

रूपम सिंह

Gargai Dam Project Mumbai MMR Water Supply Devendra Fadnavis Review: मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण पेयजल की मांग लगातार बढ़ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रस्तावित गारगाई बांध परियोजना को गति देने का निर्णय लिया गया है। लगभग 3,065 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को मई 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित विभागों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

समीक्षा बैठक में दिए गए अहम निर्देश

मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, वन मंत्री गणेश नाईक तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पुनर्वास, वनीकरण और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पालघर जिले में बनेगा गारगाई बांध

गारगाई बांध परियोजना पालघर जिले के देवली क्षेत्र में प्रस्तावित है। परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र की जल उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि भविष्य की बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए यह परियोजना जल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगी।

844 हेक्टेयर भूमि होगी प्रभावित

परियोजना के तहत लगभग 844 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। इसमें 658 हेक्टेयर वन भूमि जलमग्न होने का अनुमान है। इसके बदले पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए 1,400 हेक्टेयर भूमि पर प्रतिपूरक वनीकरण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पुनर्वास और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

जल संकट के दीर्घकालिक समाधान पर जोर

राज्य सरकार का उद्देश्य गारगाई बांध परियोजना के माध्यम से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करना है। परियोजना के समय पर पूरा होने से महानगर क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ दीर्घकालिक जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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