Maharashtra News: मीरा-भायंदर-वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय की आर्थिक अपराध शाखा ने करोड़ों की ठगी करने वाले रियल एस्टेट कारोबारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम उमराव सिंह पृथ्वीराज ओस्तवाल है, जो ओस्तवाल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है।
आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्जी बिल्डिंग निर्माण अनुमति और नक्शे तैयार कर उन्हें असली बताकर फ्लैट बेच दिए। इस धोखाधड़ी से कई फ्लैट धारकों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने “ओस्तवाल पैराडाइज बिल्डिंग नंबर 6, सीएचएसएल लिमिटेड” में स्वीकृत योजना से अधिक निर्माण किया और उन अवैध फ्लैटों को ग्राहकों को बेच दिया। बाद में जब फ्लैट मालिकों को यह बात पता चली तो उन्होंने नयानगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने विस्तृत जांच शुरू की। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोड़े और सहायक पुलिस आयुक्त मिलिंद पाटिल के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने यह भी बताया कि उमराव सिंह ओस्तवाल के खिलाफ पहले से ही 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें महाराष्ट्र क्षेत्रीय नगर रचना व नियोजन अधिनियम (MRTP Act), महाराष्ट्र ओनरशिप फ्लैट अधिनियम (MOFA Act), पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराएं शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय था और इसी दौरान उसने कई नियमों को ताक पर रखकर फर्जीवाड़ा किया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कितने और प्रोजेक्ट्स में ऐसी अनियमितताएं की गई हैं।
पुलिस ने फ्लैट खरीदारों से अपील की है कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले निर्माण अनुमति, नक्शा और सरकारी स्वीकृति की पूरी तरह से जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में इस तरह की ठगी से बचा जा सके।