मुंबई में रेड अलर्ट (pic credit; social media) 
मुंबई

मुंबई में मूसलधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, मीठी नदी का पानी घरों में घुसा, 350 लोग रेस्क्यू

Mumbai News Today: मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मीठी नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी, जिसके चलते NDRF की टीम ने 350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

सोनाली चावरे

Heavy Rains In Mumbai: मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शनिवार को दिनभर हुई मूसलधार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, मीठी नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी, जिसके चलते प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। स्थिति गंभीर होती देख बीएमसी और एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लगभग 350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

अधिकारियों के मुताबिक, मीठी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के झोपड़पट्टियों और घरों में पानी घुसने लगा। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। राहत-बचाव दल ने समय रहते सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

ऑफिस जाने वाले लोग घंटो ट्रैफिक में फंसे

बारिश ने शहर की रफ्तार को थाम दिया है। लोकल ट्रेन सेवाएं कई जगह बाधित हुईं और सड़कों पर घंटों जाम की स्थिति रही। विशेष रूप से अंधेरी, दादर, कुर्ला, सायन और बांद्रा जैसे इलाकों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा और कई यात्रियों को लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित होने की वजह से बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा।

अगले 24 घंटों में मुंबई में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बीएमसी ने नागरिकों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है। वहीं, स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। राज्य सरकार ने हालात पर नजर रखने के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने में कोई कोताही न बरती जाए।

मीठी नदी में हर साल भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मीठी नदी में हर साल बारिश के मौसम में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बनते हैं। हालांकि प्रशासन दावा करता है कि समय-समय पर नदी की सफाई और चौड़ीकरण किया जाता है, लेकिन लगातार बढ़ते अवैध निर्माण और कचरे के कारण समस्या बनी रहती है।

फिलहाल, 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और भी इलाकों को खाली कराया जाएगा।

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