गुणरत्न सदावर्ते ने एकनाथ शिंदे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के दावे पर सवाल उठाए।
संजय शिरसाट ने 3-4 महीने में शिंदे के सीएम बनने की बात कही थी।
सदावर्ते ने शिंदे गुट के नेताओं को संविधान के अनुरूप राजनीति करने की नसीहत दी।
Gunratna Sadavarte Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। वरिष्ठ वकील गुणरत्न सदावर्ते ने इस संभावना पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि एकनाथ शिंदे भविष्य में कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।
उन्होंने सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने अगले तीन से चार महीनों में शिंदे के फिर से मुख्यमंत्री बनने की बात कही थी।
मुंबई में आयोजित पत्रकार परिषद में गुणरत्न सदावर्ते ने कहा कि संजय शिरसाट का बयान एकनाथ शिंदे के प्रति व्यक्तिगत प्रेम के कारण आया है। उनके मुताबिक, इस दावे के पीछे कोई ठोस राजनीतिक तथ्य या वास्तविकता नहीं है। सदावर्ते ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता अवसरवादी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने शिंदे गुट के कुछ नेताओं को भी नसीहत दी। सदावर्ते ने संजय शिरसाट, उदय सामंत और धंगेकर का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में संविधान के अनुरूप और सभी को साथ लेकर चलने वाली राजनीति होनी चाहिए।
पत्रकार परिषद के दौरान सदावर्ते ने केवल मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चा पर ही प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि राज्य के कई अन्य राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने ठाणे शहर के प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड और मीनाक्षी शिंदे के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया।
इसके अलावा भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन पर की गई टिप्पणी और कर्जत-भीमाशंकर परियोजना को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
ग्रंथाली के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और ठाकरे बंधुओं के एक मंच पर आने का मुद्दा भी पत्रकार परिषद में उठा। इस घटनाक्रम को लेकर सदावर्ते ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच संजय शिरसाट का दावा और उस पर गुणरत्न सदावर्ते की प्रतिक्रिया चर्चा में है। हालांकि, सदावर्ते का बयान उनका राजनीतिक आकलन है, मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी आधिकारिक फैसले की घोषणा नहीं।