मुंबई के स्टूडियों में एकनाथ शिंदे और संजय राउत के मुलाकात की तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मुंबई में अचानक हुआ शिंदे-राउत का आमना-सामना, तस्वीर ने मचाया तहलका, जानें क्या हुई बात

Mumbai News: बीएमसी चुनाव के तनावपूर्ण माहौल के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और संजय राउत की अचानक हुई मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा है। दोनों ने एक-दूसरे का हाल-चाल जाना।

आकाश मसने

Eknath Shinde And Sanjay Raut Face Off: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी तीखी बयानबाजी के बीच एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला है। मुंबई में एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम के दौरान धुर विरोधी नेता एकनाथ शिंदे और संजय राउत का आमना-सामना हुआ, जहां उन्होंने अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को किनारे रखकर एक-दूसरे के स्वास्थ्य पर चर्चा की।

संजय राउत और एकनाथ शिंदे का आमना-सामना

मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार इन दिनों पूरे शबाब पर है और राजनीतिक पारा चरम पर है। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच, गुरुवार को मुंबई के एक न्यूज़ चैनल के स्टूडियो में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत का आमना-सामना हुआ। यह मुलाकात तब हुई जब एकनाथ शिंदे अपना साक्षात्कार समाप्त कर बाहर निकल रहे थे और ठीक उसी समय संजय राउत अपने इंटरव्यू के लिए स्टूडियो के भीतर जा रहे थे। दोनों नेताओं ने जैसे ही एक-दूसरे को देखा, उन्होंने शालीनता दिखाई और रुककर अभिवादन किया।

राजनीति से ऊपर स्वास्थ्य की चिंता

इस संक्षिप्त मुलाकात का सबसे मानवीय पहलू व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर चर्चा रही। संजय राउत हाल ही में एक गंभीर बीमारी से उबरे हैं और लंबे समय बाद फिर से सक्रिय हुए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुरानी बातों को भुलाकर राउत से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। यह ध्यान देने योग्य है कि जब राउत बीमार थे और घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे, तब भी शिंदे ने उनके भाई सुनील राउत को फोन करके उनके स्वास्थ्य का अपडेट लिया था। जवाब में संजय राउत ने भी मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में पूछा। लगभग दो मिनट तक चली इस 'अराजनीतिक' बातचीत के बाद दोनों नेता अपने-अपने रास्ते चले गए।

दो गुटों में बंटी थी शिवसेना

महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति के परिप्रेक्ष्य में यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और 'धनुष-बाण' का चिह्न शिंदे गुट को आवंटित कर दिया था। इस घटनाक्रम ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच गहरी राजनीतिक और व्यक्तिगत दरार पैदा कर दी है।

चुनावी रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत लगातार शिंदे सरकार पर तीखे हमले करते रहे हैं। ऐसे माहौल में, इन मतभेदों को एक तरफ रखकर सार्वजनिक रूप से शालीनता से बात करना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति की एक सुखद तस्वीर पेश करता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

चुनावी तपिश और प्रतिद्वंद्विता के इस दौर में इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है, क्योंकि इसने यह संदेश दिया है कि भले ही विचारधाराएं और राजनीतिक रास्ते अलग हों, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर शिष्टाचार और सम्मान बना रहना चाहिए। विश्लेषक इसे कड़वाहट भरे राजनीतिक माहौल में सौहार्द की एक छोटी सी किरण के रूप में देख रहे हैं।

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