Eknath Shinde Rising Stature In Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में फिर भूचाल मचाने वाले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कद राज्य की राजनीति में लगातार बढ़ता जा रहा है। यदि उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद नया गुट बनाकर उनके साथ हो जाते हैं तो सूबे में शिंदे सेना कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। सत्तारूढ़ महायुति में सांसदों के मामले में शिंदे गुट बड़ा भाई होगा।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना ने मुंबई व ठाणे सहित राज्य में अपना जनाधार मजबूत किया है। लोकसभा, विधानसभा और निकाय संस्थाओं के चुनाव में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। शिंदे गुट के पास सांसदों और विधायकों का मजबूत समर्थन है।
सत्ता पक्ष महायुति में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। लेकिन सरकार चलाने के लिए बीजेपी को एकनाथ शिंदे के समर्थन की जरूरत रही है। ठाकरे सेना के 6 सांसदों का साथ मिलने के बाद शिंदे गुट का संसदीय संख्या बल 7 से बढ़कर 13 हो जाएगा। कांग्रेस के बाद दूसरे नंबर पर शिंदे सेना होगी। महायुति में सबसे ज्यादा शिंदे सेना के सांसद होंगे। भाजपा के 9 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का एक सांसद है। विपक्षी दल महाविकास आघाड़ी के संख्या बल पर गौर करें तो कांग्रेस 14 सांसदों के साथ पहले नंबर है। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के 8 और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में केवल 3 सांसद रह जाएंगे।
| दल | सांसदों की संख्या |
|---|---|
| कांग्रेस | 14 (13 + 1 निर्दलीय) |
| शिवसेना (एकनाथ शिंदे) | 13 (7 + 6) |
| भाजपा | 9 |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) | 8 |
| शिवसेना (यूबीटी) | 3 (9 - 6) |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी | 1 |
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गुस्से में संजय राउत द्वारा कहे गए अपशब्दों पर उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझना होगा। पार्टी का नाम और सिंबल छीने जाने की लड़ाई अभी भी सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने कहा कि जनता ने ये वोट उद्धव ठाकरे के चेहरे पर दिए थे, इसलिए बगावत करना जनता से धोखा है। पार्टी ने स्पीकर को पत्र लिखकर व्हिप जारी कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका उल्लंघन करने वाले सांसदों को तुरंत अयोग्य ठहराया जाना चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) से राज्यसभा सांसद संजय राउत खुलकर बागी नेताओं पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। पहले उन्होंने दावा किया एक चार्टर्ड प्लेन के जरिए 2 सांसदों को नांदेड़ से ले जाया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि इन नेताओं की रिक्शा में बैठने की औकात नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बागी सांसदों को अपशब्द भी कहे। संजय राउत ने लिखा था, 'नांदेड हवाई अड्डे पर एक चार्टर्ड विमान उतरता है, ऑपरेशन के नाम पर 2 सांसदों को उठाकर निकल जाता है। इनकी रिक्शा में घूमने की औकात नहीं थी, निजी विमान से घूमने जितनी कीमत ठाकरे नाम की वजह से बढ़ी।' उन्होंने कहा कि हर एक चीज का हिसाब किया जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया था कि ये 2 सांसद कौन थे।
महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को एक बड़ी उठापटक देखने को मिली। पहले से लगाई जा रही अटकलों के अनुरूप शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया। इस बगावत के बाद इन सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। शिंदे की शिवसेना ने भी ऐलान किया है कि उनके नेतृत्व में विश्वास दशनि वाले सभी लोगों का पार्टी में स्वागत है। इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मौन राजनीतिक पंडितों को खल रहा है।
यह भी पढ़ें:- एक-दो नहीं 5वीं बार शिवसेना में बगावत! जानें बालासाहेब के दौर से शिंदे तक कब-कब टूटी पार्टी
हालांकि भाजपा नेता और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। बावनकुले ने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' क्या है, कौन लाया और क्यों लाया, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं लेकिन इसके बाद भी बीजेपी विपक्षी नेताओं और समर्थकों के निशाने पर आ गई है।