Mumbai Dharavi Slum 2.0 : मुंबई की दशकों तक बॉलीवुड धारावी की संकरी गलियों और घनी बस्ती में मुंबई के संघर्ष की कहानी तलाशता रहा। लेकिन अब धारावी का संभावित कायापलट फिल्मकारों को इसी इलाके की एक बिल्कुल नई तस्वीर दिखाने का मौका दे सकता है।
आधुनिक इमारतों, व्यावसायिक परिसरों, बेहतर सड़कों और नए बुनियादी ढांचे के साथ धारावी 2.0 मुंबई की एक नई सिनेमाई लोकेशन बन सकती है।
धारावी लंबे समय से बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शंस के लिए एक खास लोकेशन रही है। इसकी संकरी गलियां, एक-दूसरे से सटे घर, छोटी-बड़ी कार्यशालाएं और घनी आबादी फिल्मों में मुंबई के संघर्षपूर्ण और जटिल जीवन को दिखाने का माध्यम बनी हैं।
अब पुनर्विकास के बाद इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। आधुनिक आवासीय इमारतें, व्यावसायिक परिसर, बेहतर नियोजित सड़कें, सार्वजनिक सुविधाएं और उन्नत बुनियादी ढांचा सामने आता है तो फिल्मकारों के लिए मुंबई के आधुनिक शहरी जीवन को दिखाने का एक नया बैकड्रॉप तैयार हो सकता है।
ए वेडनेसडे! के निर्माता अंजुम रिजवी के मुताबिक, मुंबई की वास्तविक लोकेशन फिल्मकारों के लिए खास महत्व रखती हैं। फिल्मकार ऐसी जगहों की तलाश करते हैं, जो पर्दे पर वास्तविक और प्रामाणिक नजर आएं।
धारावी बस्ती की मौजूदा पहचान में बदलाव आने पर इसकी दृश्यात्मक पहचान भी बदल सकती है। ऐसे में फिल्मों के साथ-साथ OTT प्रोडक्शंस के लिए भी यह इलाका नई संभावनाओं वाली लोकेशन बन सकता है।
फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला के साथ कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हनीफ चत्रीवाला का मानना है कि पुनर्विकास के बाद धारावी प्रोडक्शन हाउस के लिए बिल्कुल नई लोकेशन बन सकती है।
अगर पुनर्विकास के साथ बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और शूटिंग से जुड़ी सुविधाएं बेहतर होती हैं, तो प्रोडक्शन टीमें धारावी को अलग नजरिए से देख सकती हैं।
धारावी की संभावित नई पहचान की तुलना मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के बदलाव से भी की जा रही है। कभी अलग तरह की भौगोलिक पहचान रखने वाला BKC धीरे-धीरे मुंबई के प्रमुख कारोबारी जिलों में शामिल हुआ और फिल्मों में भी आधुनिक मुंबई शहर के प्रतीक के तौर पर दिखाई देने लगा।
इसी तरह धारावी में भी ऊंची इमारतें, व्यावसायिक क्षेत्र, पुनर्विकसित सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी आने पर एक नया सिनेमाई कैनवास तैयार हो सकता है।
धारावी बस्ती में नियमित फिल्म और वेब सीरीज शूटिंग होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ट्रांसपोर्टर, कैटरर्स, इलेक्ट्रीशियन, बढ़ई, तकनीशियन, सुरक्षा कर्मचारी और जूनियर आर्टिस्ट जैसे सेवा प्रदाताओं के लिए काम के अवसर पैदा हो सकते हैं।
यानी धारावी का पुनर्विकास सिर्फ इलाके की भौतिक तस्वीर बदलने तक सीमित नहीं रह सकता। अगर फिल्म उद्योग इस बदलती जगह को अपनाता है, तो धारावी 2.0 मुंबई की कहानी में एक बिल्कुल नया अध्याय जोड़ सकता है।