देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

नवी मुंबई में आयोजित राजभाषा सम्मेलन में बोले फडणवीस- मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं का बढ़ रहा मान

Rajbhasha Sammelan Navi Mumbai: नवी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में देवेंद्र फडणवीस ने PM मोदी की भाषाई प्रतिबद्धता और मातृभाषाओं के बढ़ते मान की सराहना की। जानें पूरा विवरण।

गोरक्ष पोफली

Devendra Fadnavis Speech Rajbhasha Sammelan: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को भारतीय भाषाओं के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर प्रधानमंत्री को हिंदी में बोलते हुए सुनना देश को गर्व से भर देता है।

फडणवीस नवी मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस समारोह और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए।

सम्मेलन के आयोजन में बदलाव और अमित शाह की पहल

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने देर से आने के लिए माफी मांगी और फिर महाराष्ट्र में इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहां पहले ऐसे सम्मेलन केवल औपचारिकता मात्र होते थे, वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने इन्हें अलग-अलग राज्यों में बारी-बारी से आयोजित करने की पहल की।

भाषा नीति का इतिहास और क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान

भाषा नीति के इतिहास पर चर्चा करते हुए फडणवीस ने बताया कि 1963 में हिंदी और अंग्रेजी दोनों को राजभाषा का दर्जा मिलने से पहले भी ब्रिटिश काल में सरकारी कामकाज के लिए हिंदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता था। उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री मोदी ने पद संभाला है, देशभर में मातृभाषाओं और आधिकारिक क्षेत्रीय भाषाओं को अभूतपूर्व सम्मान मिला है।

मातृभाषा का महत्व और नई शिक्षा नीति

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, आपको अपनी मातृभाषा सीखनी चाहिए और नई शिक्षा नीति स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देकर इसे सुनिश्चित करती है।

उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, जो उस समय विपक्ष के नेता थे, संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देने वाले शुरुआती लोगों में से एक थे। उन्होंने कहा कि लेखक मुंशी प्रेमचंद ने बोलचाल की हिंदी को सरकारी कामकाज के लिए स्वीकार्य बनाने में अहम भूमिका निभाई।

मराठी भाषा और शास्त्रीय दर्जा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व पर जोर दिया और कहा कि मराठी भाषा गहरे सम्मान की हकदार है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ही मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया।

गृह मंत्री शाह ने महाराष्ट्र की विविधता की सराहना की और इसे भारत का सबसे अधिक बहुभाषी राज्य बताया।

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