Delhi Mumbai Terror Module Investigation News: देश को दहलाने की खौफनाक साजिश कराची में रची गई थी। इस काम के लिए बकायदा दिल्ली में युवाओं की भर्ती की जा रही थी, ताकि लोकल सपोर्ट हासिल किया जा सके। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों ने इस खतरनाक आतंकी-अंडरवर्ल्ड मॉड्यूल को वक्त रहते नेस्तनाबूद कर दिया है।
इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके और बड़े हमलों को अंजाम देना था। जांच एजेंसियों ने पूरे देश से करीब 600 ऐसे लोगों को चिन्हित किया है।
जो सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। इस कार्रवाई के तहत मुंबई के कुर्ला से साजिद मेहबूब शेख उर्फ अरबाज खान और मुंब्रा से तौकीर रिजवान शेख को गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाया गया है।
इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इन्हें देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा कर्मियों पर हमला करने का जिम्मा सौंपा गया था। जिनकी सूची में परमाणु संयंत्र (न्यूक्लियर प्लाट्स), हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बिजली संयंत्र (पावर प्लांट्स) शामिल थे।
इस पूरे मामले में अन्य प्रमुख आरोपियों की पहचान कश्मीर निवासी मुजम्मिल शकील गनई, आदिल अहमद राथर, उसके भाई मुजपफर अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद वागे और उत्तर प्रदेश के शाहीन सईद के रूप में हुई है।
इनमे से कुछ आरोपी अल-फलाह विश्वविद्यालय में भी कार्यरत थे। ये सभी आरोपी अल-कायदा से संबद्ध आतंकी समूह 'अंसार गजवत-उल-हिंद' से जुड़े एक व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे, जिसका भंडाफोड़ दिल्ली विस्फोट से ठीक पहले किया गया था।
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खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली में आतंकी खतरे की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को इस महीने की शुरुआत में ही इनपुट्स मिले थे कि मध्य दिल्ली के प्रमुख कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को आत्मघाती हमली, वाहन में रखे गए आईईडी, गोलीबारी और समन्वित हमलों के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। इसके बाद सभी जिला इकाइयों को सतर्क रहने और खुफिया एजेंसियों तथा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए है।