एनसीपी (शरदचंद्र पवार ) और कांग्रेस (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

MNS के बहाने कांग्रेस का यू-टर्न, अब शरद पवार के साथ नई सियासी जुगलबंदी

कांग्रेस ने BMC Election से पहले शरद पवार की राकां (एसपी) से गठबंधन की पहल शुरू कर दी है। सिल्वर ओक पर हुई बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि जल्द संयुक्त निर्णय होगा, जबकि उद्धव ठाकरे अकेले पड़ते दिख रहे।

अपूर्वा नायक

Maharashtra Nikaay Chunaav: स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र में तेजी से बदलते सियासी समीकरणों के बीच कातीस ने अब शरद पवार पर डोरे डालने अर्थात उनकी पार्टी के साथ गठबंधन बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

रविवार को मुंबई में 'एकला चलो' अर्थात उद्धव की पार्टी से गठबंधन तोड़ने की घोषणा के समय कांग्रेस ने अपने समविचारी अर्थात राकां नेता शरद पवार की पार्टी 'राकां शरदचंद्र पवार' एवं आंबेडकरवादी दलों से गठबंधन के संकेत दिए थे।

उसी घोषणा के अनुरूप कांग्रेस की ओर से पवार के साथ अपने संबंधों को बरकरार रखने और नई राजनीतिक राह बनाने की दिशा में प्रयास शुरू हो गए हैं। इससे विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में शामिल रहे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के पक्ष प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अकेले पड़ गए हैं।

जल्द लेंगे गठबंधन का निर्णय

राकां शरदचंद्र पवार पार्टी से गठबंधन के प्रयासों के तहत मुंबई कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को शरद पवार से उनके निवास सिल्वर ओक पर मुलाकात की। बैठक में मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़, विधायक असलम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़, महाराष्ट्र प्रदेश कहिस के बरिष्ठ नेता राकी जाधव समेत कई अन्य नेता मौजूद थे।

मुलाकात के बाद सांसद वर्षा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों में विश्वास रखती है तथा कांग्रेस ऐसे ही संविधान का सम्मान करने वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करके मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का चुनाव लड़ने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) समान विचारधारा वाली पाटर्टी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों दलों के नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई है और दोनों पक्ष जल्द ही एक संयुक्त बैठक कर अंतिम फैसला लेंगे।

मनसे के बहाने कांग्रेस उद्धव से काट रही कन्नी

वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कुछ दिन पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया था कि वह अकेले चुनाव लड़ेंगे, ऐसे में यदि दोनों भाई (उद्धव और राज) साथ आते है तो इसका स्वागत है, लेकिन इस बारे में कांग्रेस से कोई चर्चा नहीं हुई है।

कांग्रेस ने जब भी किसी पार्टी के साथ गठबंधन किया है, तो कम से कम एक साझा कार्यक्रम के आधार पर किया है। कांग्रेस का मानना है कि बीएमसी चुनाव समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ा जाना चाहिए। देश के सभी हिस्सों से लोग मुंबई में रहते हैं।

सभी ने मुंबई के विकास में योगदान दिया है। कांग्रेस पार्टी उन लोगों के साथ नहीं जा सकती जो कानून अपने हाथ में लेते हैं और लोगों पर अत्याचार करते हैं, सांसद गायकवाड़ ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत जोडो यात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने और प्यार देने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव मुंबई के मुद्दों पर होने चाहिए, मुंबई वासियों के मुद्दे महत्वपूर्ण है, न कि जाति, क्षेत्र, भाषा और धर्म, मुंबई में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, सड़को पर गड्ढे, ट्रैफिक जाम, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बीएमसी में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।

- नवभारत लाइव के लिए मुंबई से जितेंद्र मल्लाह की रिपोर्ट

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