Maharashtra News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार विकास मॉडल के अध्ययन तथा प्रशिक्षण के बहाने विदेश का दौरा करनेवाले सरकारी अधिकारियों पर लगाम लगाने का निर्णय लिया है। अब विदेश दौरे पर जाने से पहले अधिकारियों को उनके दौरे का औचित्य समझाना होगा। उन्हें बताना होगा कि इससे राज्य और सरकार को क्या और कैसे लाभ होगा।
इसके अलावा दौरे का कारण, निजी संस्था की आय का स्रोत आदि जानकारी लिखित रूप में देने के बाद ही सरकार निर्णय लेगी कि दौरे पर जाने की अनुमति दी जाए या नहीं। सरकार ने इस संबंध में एक सरकारी आदेश जारी किया गया है। सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरों पर अब सरकार का नियंत्रण रहेगा।
अधिकारियों से दौरे के संबंध विस्तृत जानकारी का आकलन करने के बाद ही सरकार लाभ की अनुमति देने का विचार करेगी. क्योंकि इससे पहले अधिकारी विदेशी दौरों से संबंधित प्रस्ताव में सरकार को पूरा विवरण नहीं देते थे।नतीजतन मंत्रिस्तरीय प्रशासनिक विभागों से आने वाले प्रस्तावों की जांच करते समय अक्सर दस्तावेजों में विसंगतियां पाई जाती हैं। इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग ने अब इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने का निर्णय लिया है।
अब विदेश यात्रा प्रस्ताव को सही ढंग से प्रस्तुत करने के लिए एक संशोधित टिप्पणी टेम्पलेट जोड़ा गया है और 1 फरवरी, 2021 को जारी परिपत्र में चेकलिस्ट और सचिव के प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया है. हालांकि, उस परिपत्र में दिए गए मानदंड और निर्देश लागू रहेंगे।
दौरे का आयोजक कौन?
अधिकारी को दौरे का कारण, दौरे के आयोजक और होने वाले अनुमानित खर्च का पूरा विवरण सरकार को देना होगा। यदि विदेश दौरे का आयोजन कोई गैर सरकारी (निजी) संस्था करती है तो दौरे पर होनेवाले खर्च के लिए संस्था के आय का स्रोत विवरण में बताना होगा। इसके अलावा, सरकार यह भी जांच करेगी कि विदेश दौरे के लिए किसने आमंत्रित किया था और यह किसके नाम पर था।
चार्टर्ड अधिकारियों के विदेश दौरों के लिए भी उस विभाग के मंत्री की अनुमति आवश्यक होगी, यदि कोई निजी व्यक्ति विदेश दौरे पर जा रहा है तो सामान्य प्रशासन विभाग से भी अनुमति लेनी होगी। अखिल भारतीय सेवाओं, राज्य सेवाओं के साथ-साथ विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और बोर्डों के अधिकारियों और पदाधिकारियों की विदेश यात्राओं के संबंध में सरकार ने एक नया परिपत्र जारी किया है। इसमें यात्रा प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय त्रुटियों और अपूर्ण विवरणों के कारण होने वाली देरी से बचने के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित किए गए हैं।
सरकार ने रखी हैं निम्न शर्तें