CM Devendra Fadnavis Mantralaya Staff Action: मंत्रालय में मंत्रियों के उन 314 लाडले कर्मचारियों को भगाने का कड़ा फैसला लिया गया, जो काफी समय से मलाईदार विभागों पर कब्जा जमाए हुए थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रियों के इन लाडले कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए इन सभी को 10 सितंबर तक उनके मूल ऑफिस वापस भेजने की डेडलाइन दी है।
इस बारे में राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने एक सर्कुलर जारी कर सभी कर्मचारियों को तय सीमा के अंदर अपने मूल ऑफिस में लौट जाने का अल्टीमेटम दिया है। इसके तहत मिनिस्ट्री ऑफिस में मौखिक आदेश के जरिए की गई
कैडर के रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने को भी गलत बताया गया है।
ऑफिस हेड और ड्राइंग और डिसबसिँग अधिकारियों को 15 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।
अगर कोई कर्मचारी पेरेंट ऑफिस में रिपोर्ट नहीं करता है, तो संबंधित ऑफिस को सैलरी रोकने के निर्देश दिए गए है।
सरकार ने कहा कि ऐसी नियुक्तियों से कर्मचारियों को उधार लेने वाले ऑफिस और पेरेंट ऑफिस, दोनों के लिए खाली पोस्ट भरना मुश्किल हो जाता है, जिससे पेरेंट डिपार्टमेंट के काम पर असर पड़ता है और एडमिनिस्ट्रेटिव मुश्किलें पैदा होती है।
डेप्युटेशन पर या सिर्फ मौखिक आदेश के जरिए नियुक्त इन कर्मचारियों की नियुक्ति में इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट, डिपार्टमेंटल पूछताछ और सर्विस से जुड़े दूसरे मामलों की जांच शामिल नहीं थी, जबकि मंत्रालय का काम प्रशासनिक रूप से बेहद अहम और गोपनीय रहता है। सभी नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
संबंधित डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिसिपल सेक्रेटरी या सेक्रेटरी को 20 सितंबर तक चीफ सेक्रेटरी के ऑफिस में रिपोर्ट जमा करनी होगी।
कैसल अपॉइंटमेंट से जुड़े पहचान पत्र, फेस-रिकग्निशन और अटेंडेंस की सुविधाएं तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिनिस्ट्री ऑफिस में भविष्य में होने वाले अपॉइंटमेंट के लिए जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट द्वारा तय प्रोसेस का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।