देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-एक्स) 
मुंबई

देवेंद्र फडणवीस ने बताई सीएम बनने की कहानी, इस समाजसेवी को दिया क्रेडिट, बोले- 44 साल की उम्र में...

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को हशु आडवाणी के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस समारोह में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनको सीएम बनाने के पीछे किसका हाथ रहा इसका खुलासा किया।

प्रिया जैस

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को हशु आडवाणी के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुए। ये समारोह चेंबूर स्थित विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी में स्वर्गीय हशु आडवाणी का शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हशु आडवाणी की विरासत को आदर और सम्मान से सम्मानित किया गया।

इस समारोह में शिक्षा, समाज और जनसेवा के क्षेत्र में हशु आडवाणी के योगदान पर प्रकाश डालने वाली एक किताब का विमोचन भी किया गया। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने हशु आडवाणी को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

हशु जी की मजबूत नींव की वजह से ही

इस समारोह में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनके सीएम कैसे बने इसके पीछे का कारण बताया है। इस मौके पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'मैं 44 साल की उम्र में महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बना। यह सच है लेकिन मैं 44 साल की उम्र में महाराष्ट्र का सीएम इसलिए बनना मुमकिन रहा क्योंकि इसकी नींव हशु आडवाणी जी जैसे लोगों ने रखी थी। ये लोग ऐसा काम करते हैं कि हम इसे मौलिक आधारशिला कह सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, 'चाहे कोई संस्था हो, पार्टी हो या किसी भी तरह की रचना हो। हर रचना की एक आधारभूत आधारशिला होती है, जिस पर संस्था और पार्टी खड़ी होती है। एक इमारत भी ऐसी ही आधारशिला पर खड़ी होती है। अगर किसी ने ऐसी आधारभूत नींव का काम किया है, तो वे हशु आडवाणी जी हैं। इसलिए मेरा मानना ​​है कि आज महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर हम निश्चित रूप से उनकी जन्म शताब्दी का शुभारंभ कर रहे हैं। यह अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण बात है।

हशु जी की जीवन यात्रा प्रेरणादायी

महाराष्ट्र के सीएम ने यह भी कहा, ''हम सभी जानते हैं कि हशु जी की जीवन यात्रा अपने आप में बहुत ही प्रेरणादायी है। वे केवल एक राजनेता और शिक्षाविद ही नहीं थे, वे बहुत ही संस्कारी व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। हशु जी ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने अपने जीवन का हर पल समाज सेवा में समर्पित कर दिया। महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

'हशु जी के जीवन में संघर्ष, समर्पण और सेवा थी' - फडणवीस

उन्होंने यह भी कहा कि मेरा मानना ​​है कि इस जन्म शताब्दी के अवसर पर विमोचित पुस्तक शायद बहुत बड़ी पुस्तक है। यह सभी तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन विवेकानंद संस्था की ओर से हशु जी के जीवन पर एक छोटी सी पुस्तिका सभी विद्यार्थियों तक पहुंचनी चाहिए। उनके जीवन में संघर्ष है, समर्पण है और सेवा है।

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