Mumbai Tree Collapse Chembur School Bus Accident: चेंबूर इलाके में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में स्कूल बस पर विशाल पीपल का पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य छात्र घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 2:58 बजे चेंबूर के रोड नंबर 11 स्थित हेरिटेज प्राइड इमारत के सामने हुआ। उस समय यूनिवर्सल हाईस्कूल की बस (एमएच-03/सीबी-7439) में 13 छात्र सवार थे।
तभी सड़क किनारे खड़ा एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक जड़ समेत उखड़कर सीधे बस पर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही बस चालक, परिचालक और स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। उपचार के दौरान 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव ने शाम 4:23 बजे दम तोड़ दिया। सवाल उठता है कि आखिर इस घटना का जिम्मेदार कौन है?
शव को पोस्टमार्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेज दिया गया है। अन्य चार घायलों में से एक छात्रा को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है, जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल होने की वजह से अभी आईसीयू में भर्ती है। चिकित्सकों ने बताया कि सभी चारों घायल अब खतरे से बाहर हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए महापौर रितू तावड़े ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित पेड़ के बारे में स्थानीय नागरिकों द्वारा पहले कोई शिकायत दर्ज कराई गई थी या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की जाए। यदि शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने अनदेखी की होगी, तो संबंधित अधिकारियों को सीधे निलंबित कर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पेड़ों की छंटाई करना पर्याप्त नहीं है। मुंबई में 30 से 40 वर्ष पुराने पेड़ों की वैज्ञानिक जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे भारी बारिश और तेज हवाओं का सामना करने में सक्षम हैं या नहीं। इमारतों की सुरक्षा दीवारों कंक्रीटीकरण के कारण पेड़ों की जड़ों को पर्याप्त जगह नहीं मिलने से उनकी स्थिरता प्रभावित हो रही है या नहीं। इसका भी अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महापौर रितू तावड़े से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली। घायल छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने स्कूलों, अस्पतालों और बस स्टॉप के आसपास स्थित अत्यंत खतरनाक पेड़ों की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इस घटना के बाद शहरभर में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले खतरनाक पेड़ों के सर्वेक्षण और रखरखाव को लेकर मनपा के दावों पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अभिभावकों ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास मौजूद खतरनाक पेड़ों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। बीएमसी के उद्यान विभाग की 31 मई 2026 तक की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 387 खतरनाक अथवा मृत पेड़ों का सर्वेक्षण किया गया था।
इनमें से 369 पेड़ों को हटाया जा चुका है, जबकि 18 पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया अभी जारी है, रिपोर्ट के अनुसार, मानसून पूर्व अभियान के तहत कुल 84,819 पेड़ों की छटाई का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 67,274 पेड़ों की छंटाई पूरी हो चुकी है, जबकि 17,197 पेड़ों की छंटाई अभी शेष है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि शेष कार्य 31 मई 2026 तक पूरा किए जाने की योजना बनाई गई थी।
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शंकर भोसले ने बाताया की पीपल के पेड़ को काटे जाने की लिखित शिकायत हमें नहीं मिली थी। हालांकि पेड़ की छंटाई की गई थी। हम पिछले 6-7 महीने के शिकायत की रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। अगर पेड़ काटने की शिकायत पाई जाती है, तो उद्यान विभाग के संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
बेहद दुखद घटना है। इस संबंध में हेतल गाला अध्यक्ष ने बाताया की बीएमसी आयुक्त को पत्र लिखी हूं। जितने भी नई सड़क बनाई गई है वहां के पेड़ों की जांच की जाएगी। बीएमसी के सड़क विभाग से भी जानकारी मांगी गई है कि कितने ऐसे पेड़ हैं जो नई सड़क बनने से कमजोर हो गए हैं या ठेकेदार की लापरवाही से पेड़ों को नुकसान हुआ है।
भाजपा नगरसेविका आशा मराठे ने बाताया की पीपल के पेड़ की ऑडिट की गई थी। लेकिन उसकी मजबूती की जांच करने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा। अपने इलाके की सभी पेड़ की मजबूती की जांच की जाएगी।