महाराष्ट्र पहला स्टील ब्रिज (सोर्सः सोशल मीडिया)
मुंबई

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र का पहला स्टील ब्रिज लॉन्च, 1300 किमी से लाया गया 1,405 टन वजनी ढांचा !

Mumbai Ahmedabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। ठाणे के भिवंडी में करीब 1,405 टन वजनी स्टील ब्रिज को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आंचल लोखंडे

Bullet Train Project Maharashtra: देश के पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। ठाणे जिले के भिवंडी स्थित दिवे-अंजुर गांव के पास NH-3 (नासिक हाईवे) के ऊपर 100 मीटर लंबे और करीब 1,405 मीट्रिक टन वजनी स्टील ब्रिज को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र में पूरा किया गया यह पहला स्टील ब्रिज बताया गया है।

‘मेक इन इंडिया’ मॉडल

इस ब्रिज की खासियत इसका ‘मेक इन इंडिया’ निर्माण मॉडल है। स्टील संरचना का निर्माण महाराष्ट्र से करीब 1,300 किलोमीटर दूर तमिलनाडु के त्रिची स्थित वर्कशॉप में किया गया। इसके बाद तैयार हिस्सों को विशेष ट्रेलरों के जरिए महाराष्ट्र लाया गया और साइट पर असेंबल कर निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया।

परियोजना में कुल 28 स्टील ब्रिज प्रस्तावित हैं, जिनमें से अब तक 16 का निर्माण पूरा हो चुका है। ब्रिज के निर्माण में डिजाइन और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार स्टील की कटिंग, ड्रिलिंग, वेल्डिंग और पेंटिंग की गई। स्टील के प्रत्येक उत्पादन बैच की अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग (UT) की गई, जबकि वेल्डर और सुपरवाइजर को अंतरराष्ट्रीय वेल्डिंग विशेषज्ञों से प्रमाणित कराया गया।

रात में हुआ हाई-प्रिसीजन लॉन्च

100 मीटर लंबे ढांचे को जमीन से करीब 17.5 मीटर की ऊंचाई पर अस्थायी ट्रेस्टल्स पर 22 स्किड अरेंजमेंट और 54,076 Tor-Shear Type High Strength Bolts की मदद से असेंबल किया गया। ब्रिज की टिकाऊ क्षमता और कंपन नियंत्रण के लिए C5 प्रोटेक्टिव पेंटिंग सिस्टम और इलास्टोमेरिक बेयरिंग्स का इस्तेमाल किया गया है।

असेंबली के बाद दो 150-150 मीट्रिक टन क्षमता वाले हॉलो जैक्स और प्री-टेंशन किए गए Macalloy Bars की सहायता से ऑटोमैटिक मैकेनिज्म के जरिए ब्रिज को अंतिम स्थान तक खींचकर स्थापित किया गया। हाईवे पर यातायात को कम से कम प्रभावित करने के लिए पूरी प्रक्रिया रात्रिकालीन ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान की गई।

करीब 80 फीसदी काम पू

पिछले दिनों रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी देते हुए 2027 में सूरत-बिलिमोरा सेक्शन से पहली सेवा शुरू करने का लक्ष्य बताया था।

महाराष्ट्र में रफ़्तार

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में रफ़्तार पकड़ चुका है। महाराष्ट्र में परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा 21 किलोमीटर लंबा भूमिगत सेक्शन है, जिसमें ठाणे क्रीक के नीचे करीब 7 किलोमीटर का भारत का पहला अंडरसी रेल टनल शामिल है। टनल बोरिंग मशीन ने भी खुदाई शुरू कर दी है।

508 किमी लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। प्रोजेक्ट के साथ भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक से जुड़े निर्माण और इंजीनियरिंग कौशल का भी विस्तार हो रहा है। स्टील ब्रिज, ट्रैक, विद्युतीकरण और सुरंग निर्माण जैसे क्षेत्रों में घरेलू निर्माण क्षमता विकसित होना इस 508 किलोमीटर के कॉरिडोर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।

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