बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन को FDA का नोटिस (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI) 
मुंबई

दीपक तले अंधेरा! बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन पर चला FDA का हंटर, बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था कारोबार

Bombay High Court Canteen FDA Notice: बिना FSSAI लाइसेंस चलने पर बॉम्बे हाईकोर्ट कैंटीन को एफडीए का नोटिस। एफडीए की इस कार्रवाई पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मांगी राज्यव्यापी रिपोर्ट। 

अनिल सिंह

Bombay High Court Canteen News: राज्य भर के खाद्य संस्थानों और स्कूलों में खाद्य सुरक्षा नियम लागू कराने वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक हैरान करने वाली कार्रवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर में संचालित 'हाईकोर्ट स्टाफ को-ऑपरेटिव कैंटीन' को तत्काल प्रभाव से काम बंद करने का निर्देश दिया है।

30 जुलाई 2026 को एफडीए की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ कि सैकड़ों न्यायिक कर्मचारियों, वकीलों और क्लर्कों को प्रतिदिन खाना परोसने वाली यह कैंटीन बिना किसी वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस या पंजीकरण के चल रही थी।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 का उल्लंघन; सील करने की चेतावनी

एफडीए द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत किसी भी वाणिज्यिक या सहकारी परिसर में भोजन तैयार करना, बेचना या वितरित करना बिना FSSAI पंजीकरण के पूरी तरह गैर-कानूनी है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कैंटीन प्रबंधन को लिखित आदेश जारी कर लाइसेंस मिलने तक रसोई संचालन पूरी तरह बंद रखने को कहा है। एफडीए ने चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ प्रतिष्ठान को सील करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बॉम्बे बार एसोसिएशन का रुख

सालों से चल रही इस कैंटीन के बंद होने से हाईकोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया है। हालांकि, बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA) के सचिव नौशाद इंजीनियर ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 30 जुलाई के दौरे के बाद एसोसिएशन को एफडीए की ओर से कोई भी नकारात्मक नोटिस या औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि यह कैंटीन बंद करने का फैसला एसोसिएशन द्वारा स्वयं सुधारात्मक कदमों के तहत लिया गया है और सभी आवश्यक पंजीकरण औपचारिकताएं पूरी कर दक्षिण मुंबई स्थित इस कैंटीन को जल्द दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

क्या चुनिंदा जगहों को निशाना बना रहा है FDA?

इस पूरे घटनाक्रम पर बॉम्बे हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई, जहां अदालत ने राज्य सरकार और एफडीए से कड़े सवाल पूछे। पीठ ने सवाल किया कि क्या पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा नियमों को समान रूप से लागू किया जा रहा है या चुनिंदा जगहों को निशाना बनाया जा रहा है?

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील नेहा भिड़े ने कोर्ट को सूचित किया कि एफडीए बिना किसी पक्षपात के कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट कैंटीन के अलावा बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) मुख्यालय, KEM अस्पताल और 'क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया' (CCI) समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों की कैंटीनों में भी खामियां पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने एफडीए को मंत्रालय और हाईकोर्ट सहित सभी सरकारी व अर्ध-सरकारी कैंटीनों की जांच रिपोर्ट वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ पेश करने का निर्देश दिया है।

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