उद्धव ठाकरे सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

2 लाख पेड़ों का हिसाब दें उद्धव ठाकरे! वैतरणा बांध परियोजना में कटे पेड़ों की भरपाई पर उठे सवाल

Middle Vaitarna Dam Project: मध्य वैतरणा बांध परियोजना में कटे पेड़ों के बदले बीड में लगाए जाने वाले 2 लाख पौधों का हिसाब बीजेपी नेता अमित साटम ने उद्धव ठाकरे से मांगा है।

सूर्यप्रकाश मिश्र, रूपम सिंह

Highlights

  • अमित साटम ने उद्धव ठाकरे से 2 लाख पेड़ों का हिसाब मांगा।

  • मध्य वैतरणा परियोजना के लिए लाखों पेड़ काटने का आरोप लगाया।

  • बीड में पौधारोपण और उसके लिए खर्च की गई राशि पर सवाल उठाए।

Middle Vaitarna Dam Project Trees Controversy : विभिन्न प्रोजेक्ट के नाम पर राज्य में पेड़ों को काटे जाने का मामला राजनीति रूप लेने लगा है। भीमाशंकर के पास पावर प्रोजेक्ट के लिए हजारों पेड़ काटे जाने के खिलाफ यूबीटी, मनसे, कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष सरकार के खिलाफ हमलावर हो गया है।

सत्ताधारी दल बीजेपी ने यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला बोलते हुए कहा कि बीएमसी में जब उद्धव की सत्ता थी तब मध्य वैतरणा बांध परियोजना के नाम पर काटे गए लाखों पेड़ काटे गए और उनकी भरपाई भी नहीं की गई।

बीड़ में लगने थे 2 लाख पेड़

मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष विधायक अमित साटम ने कहा कि वर्ष 1997 से 2022 तक मुंबई मनपा में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व और आदित्य ठाकरे के प्रभाव वाली सत्ता थी। इसी दौरान बीएमसी की मध्य वैतरणा बांध परियोजना के लिए करीब 10 हजार पेड़ काटे जाने अपेक्षित थे, लेकिन वास्तविकता में लाखों पेड़ों की कटाई हुई।

इसकी भरपाई के लिए बीड जिले में 540 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को हस्तांतरित की गई थी, जहां करीब दो लाख पेड़ लगाए जाने थे। इसके अलावा बीएमसी ने वन विभाग को करोड़ों रुपये भी दिए थे। लेकिन वहां पेड़ नहीं लग पाए।

उद्धव ठाकरे को बीड जाने की चुनौती

अमित साटम ने उद्धव ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें कर्जत में पर्यटन करने के बजाय बीड जिले में जाकर पौधारोपण की स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि दो लाख पेड़ लगाने के लिए खर्च की गई रकम का क्या हुआ और लगाए गए पौधों का संरक्षण किस तरह किया गया।

साटम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मध्य वैतरणा परियोजना के तहत हुई पेड़ों की कटाई और क्षतिपूरक पौधारोपण की जांच कराने की मांग भी की है।

3,000 मेगावाट परियोजना पर भी सियासत

बीजेपी नेता ने कर्जत में प्रस्तावित 3,000 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना का विरोध कर रहे विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उनका दावा है कि इस परियोजना से महाराष्ट्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उत्पादित बिजली का पहला लाभ राज्य को मिलेगा।

इस तरह मध्य वैतरणा परियोजना के पुराने पौधारोपण और कर्जत की नई बिजली परियोजना को लेकर महाराष्ट्र में पर्यावरण संरक्षण तथा विकास के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली पर सस्पेंस, CTI ने अखिलेश-ममता-उद्धव समेत नेताओं से की तारीख बदलने की मांग

सरदार पटेल ने 1,218 दिन में कैसे किया असंभव काम? राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले अमित शाह, दिलाई शपथ

151वीं जयंती पर देखिए सरदार वल्लभभाई पटेल की ऐतिहासिक तस्वीरें और उनसे जुड़ी कहानियां

प्रियंका गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी के साथ शेयर की तस्वीर, 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया

दिल्ली में 75 लाख लोगों की आजीविका दांव पर, CTI ने दिए कई विकल्प, पर नहीं सुन रहे राहुल गांधी