मुंबई एयरपोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, पत्नी के एक कॉल से खुला राज

Bangladeshi National Arrested: मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फर्जी भारतीय दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर विदेश यात्रा करने वाले 36 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को इमिग्रेशन अधिकारियों ने गिरफ्तार

आकाश मसने

Bangladeshi National Arrested At Mumbai Airport: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा एजेंसियों और इमिग्रेशन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। श्रीलंका के कोलंबो से लौट रहे एक 36 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी तरीके से बनवाए गए भारतीय दस्तावेजों और पासपोर्ट का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पकड़ा गया आरोपी पिछले कई सालों से भारत में अवैध रूप से पहचान बदलकर रह रहा था और इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के दम पर विदेश यात्राएं भी कर रहा था।

इमिग्रेशन काउंटर पर गहराया शक

पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास (36) के रूप में हुई है। घटना उस समय की है जब आरोपी कोलंबो से उड़ान भरकर मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा। जैसे ही वह इमिग्रेशन काउंटर पर अपने पासपोर्ट पर एंट्री स्टैम्प लगवाने पहुंचा, वहां मौजूद सहायक इमिग्रेशन अधिकारी को उसके पासपोर्ट और हाव-भाव पर संदेह हुआ। जब अधिकारी ने उससे सामान्य पूछताछ शुरू की, तो वह घबरा गया और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।

पत्नी को किए व्हाट्सएप कॉल से बेनकाब हुई असलियत

पुलिस ने बताया कि आगे पूछताछ के लिए इमिग्रेशन विंग के प्रभारी और ड्यूटी अधिकारियों के सामने पेश किया गया। इसके बाद यह साफ हो गया कि वह बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला है। पुष्टि तब हुई जब उसने घर पर अपनी पत्नी को व्हाट्सएप पर कॉल किया और उससे बांग्लादेशी नागरिकता के प्रमाण के तौर पर कुछ दस्तावेज भेजने को कहा। इसके बाद उसे बाबू विश्वास के पिता के नाम पर बांग्लादेश में रजिस्टर्ड जमीन के दस्तावेजों की फोटोकॉपी मिली।

कोलकाता में रहते हुए बनवाए फर्जी दस्तावेज

मुंबई पुलिस ने खुलासा किया कि कोलकाता में रहते हुए आरोपी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे भारतीय दस्तावेज बनवाए थे, जिसके बाद उसने भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। इन पासपोर्ट के जरिए वह मालदीव और कोलंबो की यात्रा कर चुका था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विश्वास ने बताया कि वह 2016 में परिवार के साथ बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। वह कोलकाता के नादिया जिले में रहा और मजदूर के रूप में काम किया। पश्चिम बंगाल में रहते हुए उसने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवा लिया। उसने कोलकाता के पासपोर्ट कार्यालय से दस्तावेजों के आधार पर 2019 में भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया। उसने 2023 में भारतीय पासपोर्ट से दो बार मालदीव की यात्रा की।

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