Bachchu Kadu Statement After Joining Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कद्दावर नेता और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। पार्टी में शामिल होते ही शिवसेना ने उन्हें विधान परिषद (MLC) चुनावों के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस नई जिम्मेदारी को संभालने के बाद बच्चू कडू ने मीडिया से बात करते हुए अपने आगामी लक्ष्यों और विचारधारा को स्पष्ट किया।
प्रहार संगठन के संस्थापक बच्चू कडू ने आज भगवा झंडा थामकर सार्वजनिक रूप से शिवसेना में शामिल हो गए। इसके बाद एकनाथ शिंदे ने उन्हें विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बना और उन्होंने MLC चुनाव के लिए नामांकन दर्ज किया। हालांकि, इस अवसर पर उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रहार एक संगठन के रूप में काम करना जारी रखेगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री उदय सामंत, शिवसेना सचिव संजय मोरे, विधायक मुरजी पटेल, पूर्व सांसद राहुल शेवाले के साथ-साथ शिवसेना के पदाधिकारी, शिवसैनिक और बच्चू कडू उपस्थित थे।
बच्चू कडू अपनी आक्रामक कार्यशैली और किसानों के हक में लड़ाई लड़ने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता हमेशा से किसान और आम जनता रही है। सदन में जाने का मेरा मुख्य उद्देश्य इन वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाना है। हम सरकार की नीतियों को आम आदमी के दरवाजे तक ले जाएंगे।
अपनी राजनीतिक विचारधारा पर बात करते हुए कडू ने कहा कि वे किसी एक सीमित दायरे में काम नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भगवान राम, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज और पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलकर ही महाराष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।
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बता दें कि बच्चू कडू महाविकास अघाड़ी का हिस्सा थे। लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बगावत के वक्त भी उन्होंने शिंदे का साथ दिया था। एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महायुति सरकार में बच्चू कडू को दिव्यांग कल्याण मंत्रालय के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। अब देखना होगा कि क्या किसानों कजर्ममाफी व अन्य मुद्दों को लेकर बच्चू कडू अपनी ही सरकार के खिलाफ बोल पाएंगे।