Navi Mumbai APMC Market Onion Garlic Price Hike: राजित यादव नवभारत नवी मुंबई। वाशी स्थित एपीएमसी की आलू-प्याज की मंडी में प्याज की बंपर आवक हो रही है, लेकिन इस प्याज में खराब गुणवत्ता वाले प्याज की मात्रा अधिक है, जिसकी वजह से अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का दाम थोक में लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते थोक में नंबर 1 का प्याज 50 रुपए किलो तक पहुंच गया है, वहीं हल्के दर्जे का प्याज 10 से 20 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं खुदरा बाजार में इस प्याज को 65 से 70 रुपए किलो बेचा जा रहा है।
इसकी वजह से गृहणियों के किचन का बजट बिगड़ गया है और उनकी आंखों से फिर आंसू निकलने लगे हैं। एपीएमसी की आलू-प्याज की मंडी में थोक में कारोबार करने वाले मनोहर तोतलानी के अनुसार बुधवार 2 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव से मंडी में 21 हजार 311 बोरा प्याज आया, जिसके अधिकांश बोरों में गीले और खराब प्याज की मात्रा सबसे ज्यादा पाई गई। इस वजह से मंडी में गुणवत्ता वाले प्याज की कमी हो गई है।
कमी के कारण अच्छे प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे है। बुधवार को मंडी में महाराष्ट्र के नंबर-2 का प्याज 45 से 48 रुपए किलो बिका है। वहीं गीला और दागी प्याज को 10 से 20 रुपए किलो बेचा गया।
वाशी स्थित एपीएमसी की आलू-प्याज की मंडी में विगत कुछ माह से लहसुन की आवक भी बढ़ गई है। बुधवार को मंडी में 2681 बोरा लहसुन आया, जिसमें विदेश से आए 50 टन लहसुन का समावेश रहा।
प्याज की तरह ही लहसुन की गुणवत्ता भी खराब पाई जा रही है, इस कारण से गुणवत्ता वाले लहसुन का दाम थोक में 250 रुपये तक पहुंच गया है। बुधवार को ऊटी से आए नंबर-1 का लहसुन थोक में 200 रुपए से 250 रुपए किलो बेचा गया, पहले इसकी कीमत प्रति किलो 180 से 200 रुपए थी।
वहीं ऊटी से आए नंबर 2 का लहसुन थोक में 150 से 170 रुपए किलो बिका। मंडी में देसी लहसुन का दाम 140 से 160 रुपए किलो तक रहा। अच्छे लहसुन की कमी की वजह से कुछ व्यापारी मुनाफा कमाने के लिए विदेश से भी लहसुन का आयात कर रहे हैं, जिसे थोक में 150 से 200 रुपए किलो बेचा जा रहा है।
थोक व्यापारी मनोहर तोतलानी ने बाताया की लहसुन की फसल को नुकसान हुआ, जिसकी वजह से मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज और लहसुन की कमी हो गई है।
गुणवत्ता खराब होने की वजह से अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज और लहसुन की मांग बढ़ी है, जिसके चलते थोक में इनके दाम में लगातार उछाल जारी है। प्याज और लहसुन की नई फसल तैयार होने तक इनके दाम में वृद्धि होने का सिलसिला जारी रहेगा।