Sunetra Pawar Prashant Kishor Meeting NDA Rift: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दो दिवसीय मुंबई दौरे के दौरान महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की गैरमौजूदगी से सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के भीतर सब कुछ ठीक नहीं होने की अटकलों को हवा मिली है। अमित शाह ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात नहीं की और शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ ही सह्याद्री अतिथि गृह में बंद कमरे में चर्चा की। सुनेत्रा पवार की कथित तौर पर प्रशांत किशोर से मुलाकात को इस घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमित शाह के मुंबई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस, एकनाथ शिंदे और राज्य के कई प्रमुख नेता उनके कार्यक्रमों में मौजूद रहे। हालांकि, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार किसी कार्यक्रम में नजर नहीं आई। शनिवार को वह पुणे में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने उनकी मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि अजित पवार के निधन के बाद उनकी पार्टी की ताकत धीरे-धीरे कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण वित्त विभाग पर नियंत्रण को लेकर भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की अपनी राजनीतिक गणित हो सकती है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आकलन है।
राजनीतिक हलकों में सुनेत्रा पवार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच मुलाकात को लेकर भी चर्चा है। पीके को एनसीपी के लिए राजनीतिक रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है।
दावा किया जा रहा है कि अमित शाह इससे नाराज हैं। इसे पीके की भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ जीत के कारण उपजे राजनीतिक मतभेद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, भाजपा या एनसीपी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
संसद के मानसून सत्र के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इसी के साथ महाराष्ट्र सरकार में भी मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद फेरबदल की चर्चा है, अटकलें लगाई जा रही है कि अमित शाह ने सीएम देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ केंद्र और महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में संभावित विस्तार और फेरबदल पर चर्चा की है। राज्य मंत्रिमंडल में भाजपा और एनसीपी के कोटे की एक-एक सीट खाली होने से इन अटकलों को और बल मिला है।
शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि अजित पवार की अनुपस्थिति में उनकी पार्टी की ताकत कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सुनेत्रा पवार की एनसीपी को वित्त विभाग देने के मूड में नहीं है।