Adulterated Sweets Racket Exposed: महाराष्ट्र के 'सिंघम' कहे जाने वाले तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी और वर्तमान एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अब अपना रुख मिठाई और मावा माफियाओं की ओर कर लिया है। अपनी कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर मुंढे के निर्देश पर मुंबई में एक बड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे मिलावटखोर व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
अन्न व औषधि प्रशासन के पथक ने मुंबई के गिरगांव और कुंभारवाड़ा इलाकों में अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 1,328 किलो संदिग्ध और मिलावटी मिठाई व मावा जब्त किया है। बाजार में इस माल की कीमत लगभग 3 लाख 60 हजार 380 रुपये बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान जो मंजर सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। एफडीए की रिपोर्ट के अनुसार डी. एम. मावावाला इस दुकान से सबसे ज्यादा 1,239 किलो संदिग्ध मिठाई और मावा मिला। विजयकांत यादव नामक व्यापारी के पास से 89 किलो मावा जब्त किया गया। जांच में पाया गया कि इन ठिकानों पर मिठाई और मावे को अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया था। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी तापमान नियंत्रण का यहाँ नामोनिशान नहीं था और पैकिंग पर लेबलिंग के नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था।
तुकाराम मुंढे की इस कार्रवाई से पूरी मुंबई के मिलावटखोरों में डर का माहौल है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंढे के नाम मात्र से ही कई जगहों पर बाजार बंद हो गए और कुछ व्यापारियों ने तो कार्रवाई के डर से अपना स्टॉक सड़कों पर ही फेंक दिया।
फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने आशंका जताई है कि यह मिलावटी सामान मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकता है। जब्त किए गए माल के 5 आधिकारिक नमूने रासायनिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यापारियों पर अन्न सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुंढे ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि दूध और दुग्धजन्य पदार्थों के उत्पादन और भंडारण में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वे स्वच्छता और नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।