Aaditya Thackeray On Operation Devendra Fadnavis: ऑपरेशन टाइगर में 6 सांसदों के पाला बदलने के बाद उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा है। शिवसेना (यूबीटी) के कद्दावर नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर ने पाला बदलते हुए सत्तारूढ़ महायुति का दामन थाम लिया है। सचिन अहीर के इस अचानक उठाए कदम ने विपक्षी खेमे को चौंका दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर के सत्तारूढ़ महायुति में शामिल होने के फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को तोड़ने की कथित कोशिश ऑपरेशन टाइगर नहीं, बल्कि ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है। उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि इस ऑपरेशन में शिवसेना (यूबीटी) को अनपेक्षित नुकसान उठाना पड़ा है।
बता दें कि आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी सचिन अहीर ने मंगलवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ओर से महाराष्ट्र विधान परिषद के उप-सभापति पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करके सबको चौंका दिया।
इस पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि सचिन अहीर के इस कदम से वर्ली और शिवड़ी जैसे शिवसेना (यूबीटी) के पारंपरिक गढ़ में पार्टी की ताकत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग इसे जानते हैं, उन्हें पता है कि यह ऑपरेशन टाइगर नहीं, बल्कि ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस है।
सचिन अहीर पर निशाना साधते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि कुछ नेता, जिन्हें सब कुछ मिलता है, फिर भी अपने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ देते हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है। वर्ली और शिवड़ी हमारे गढ़ रहे हैं और आगे भी रहेंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें कोई बड़ा झटका लगा है।
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सचिन अहीर के फैसले पर सवाल उठाते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि पूर्व मंत्री को पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं। उन्होंने कहा कि वह यह भी नहीं कह सकते कि मैं उनसे नहीं मिला या उनके लिए समय नहीं निकाला, क्योंकि कुछ दिन पहले ही हमने पुणे से साथ यात्रा की थी। वह शिवसेना (यूबीटी) के उपनेता हैं, उन्हें एमएलसी बनाया गया था और उनकी बेटी के एनजीओ को वार्ड-स्तरीय समिति में जगह दी गई थी। वह भारतीय कामगार सेना में भी एक पद पर हैं और 'बेस्ट' संघ के प्रमुख हैं। उन्हें और क्या चाहिए था? क्या हमने उन्हें कम दिया?
जब उनसे पूछा गया कि क्या सचिन अहीर वर्ली विधानसभा क्षेत्र से उनके खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं, तो ठाकरे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ठाकरे ने कहा कि उन्होंने आज सुबह मुझे संदेश भेजा कि वह मेरे खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन ये सब कहने की बातें हैं। उन्होंने आगे कहा कि अहीर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।