सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)  
महाराष्ट्र

Maharashtra Weather: 29 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट; भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, जानें आपके शहर का मौसम

Maharashtra weather Today: महाराष्ट्र के 29 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।

गोरक्ष पोफली

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे नागरिकों के लिए मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। आज से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के 29 जिलों में गर्जना और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने की संभावना जताई है, जिसके लिए बाकायदा येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में रहेगा अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुल 29 जिलों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

  • विदर्भ: नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गडचिरौली, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम जैसे लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
  • मराठवाड़ा: छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, धाराशिव, लातूर, परभणी, हिंगोली और नांदेड़ जिलों में बारिश का अलर्ट दिया गया है।
  • मध्य महाराष्ट्र और अन्य: पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, नासिक, अहमदनगर, धुले और नंदुरबार जिलों में दोपहर के बाद मौसम बदलने और बारिश होने के आसार हैं। कोंकण के रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भी प्री-मानसून बारिश होने की उम्मीद है।

मानसून और बुवाई को लेकर सावधानी

यद्यपि आज से शुरू होने वाली यह बारिश गर्मी से राहत देगी, लेकिन मौसम विशेषज्ञों और पूर्व की सूचनाओं के अनुसार यह वास्तविक मानसून नहीं है। जैसा कि पहले भी बताया गया है, मानसून अभी केरल तक भी नहीं पहुंचा है, जिसके कारण महाराष्ट्र में इसके 10 जून के आसपास या उसके बाद ही आने की संभावना है।

इसी कारणवश, प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे इस शुरुआती प्री-मानसून बारिश को देखकर बुवाई में जल्दबाजी न करें। जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाता और कम से कम 75 से 100 मिमी बारिश नहीं हो जाती, तब तक बुवाई करने से बीज खराब होने और दोबारा बुवाई का आर्थिक बोझ बढ़ने का खतरा रहता है।

नागरिकों के लिये सुरक्षा के उपाय

बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली चमकते समय पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या टिन शेड के नीचे शरण न लें। विशेष रूप से किसान भाई खराब मौसम में सुरक्षित पक्के स्थानों पर रहें और अपने पशुओं की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। यह प्री-मानसून वर्षा तापमान में गिरावट तो लाएगी, लेकिन बिजली की कड़वाहट के कारण जान-माल का जोखिम भी पैदा कर सकती है।

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