महाराष्ट्र एसटी  सोर्स- सोशल मीडिया
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में ST कर्मचारियों का वेतन अटका: सरकार ने दिए कम फंड, श्रीरंग बरगे ने कार्रवाई की उठाई मांग

Maharashtra MSRTC ST Bus: राज्य सरकार से पर्याप्त बजट न मिलने से महाराष्ट्र एसटी कर्मचारियों का वेतन अटका। यूनियन महासचिव श्रीरंग बरगे ने अदालती आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया।

रूपम सिंह

Highlights

  • बजट की कमी से एसटी कर्मचारियों का वेतन भुगतान प्रभावित।

  • सरकार से ₹1,338 करोड़ कम मिलने का दावा।

  • यूनियन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

Maharashtra MSRTC ST Employees Salary Crisis: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) के कर्मचारियों का वेतन संकट गहराता जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण हजारों कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने में परेशानी हो रही है।

महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस ने इस स्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। यूनियन के महासचिव श्रीरंग बरगे ने आरोप लगाया है कि सरकार अदालत के आदेशों की भी अनदेखी कर रही है।

वेतन भुगतान के लिए 6,495 करोड़ रुपये की जरूरत

आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच एसटी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए कुल 6,495 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। हालांकि, इस अवधि में राज्य सरकार की ओर से केवल 5,156.85 करोड़ रुपये ही उपलब्ध कराए गए।

इस तरह पूरे एक साल के दौरान वेतन भुगतान के लिए जरूरी राशि और सरकार से मिले बजट के बीच 1,338.15 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है। पर्याप्त फंड नहीं मिलने का सीधा असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ रहा है।

सितंबर में सबसे ज्यादा बजट की कमी

वेतन के लिए बजट उपलब्ध कराने के आंकड़ों में सितंबर 2026 की स्थिति सबसे चिंताजनक रही। इस महीने 179.94 करोड़ रुपये की सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई। लगातार बजट की कमी के कारण वेतन भुगतान की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने सरकार पर अदालत के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। यूनियन ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

हजारों कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट

समय पर वेतन नहीं मिलने से एसटी कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। कर्मचारियों को घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां पूरी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यूनियन ने सरकार से पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और वेतन भुगतान नियमित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस वेतन संकट को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।

WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने की भारत की तारीफ, साइक्लोन मैनेजमेंट में बताया रोल मॉडल

साइक्लोन मुरासु के बीच HPCL की रिफाइनरी में भीषण अग्निकांड, समय रहते फायर फाइटर ने आग पर पाया काबू

भीषण चक्रवात ‘मुरासु’ ने आंध्र प्रदेश के तट को पार किया, अलर्ट मोड पर मौसम विभाग और प्रशासन

चक्रवात मुरासु का आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक असर, 18 उड़ानें रद्द, कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा

औरंगजेब का पतन: दिल्ली का तख्त और 5 लाख की फौज... फिर क्यों महाराष्ट्र की मिट्टी बन गई मुगल सल्तनत की कब्रगाह?