डॉ. मनोज शिरुरे और छात्र तेजस शाह गिरफ्तार (फोटो क्रेडिट-X)  
लातूर

CBI के हत्थे चढ़ा NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड पैनल; डॉ. मनोज शिरुरे और छात्र तेजस शाह गिरफ्तार

NEET Paper Leak Case Maharashtra: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की महाराष्ट्र से 13वीं गिरफ्तारी। लातूर के डॉ. मनोज शिरुरे और पुणे से छात्र तेजस शाह (जिसका नंबर गॉड नाम से सेव था) गिरफ्तार।

अनिल सिंह

Dr Manoj Shirure Latur Arrested NEET Paper Leak: नीट परीक्षा 2026 के प्रश्नपत्र लीक होने का जो सनसनीखेज तरीका सीबीआई की तफ्तीश में सामने आया है, उसने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि लातूर के आरसीसी कोचिंग के मुख्य निदेशक शिवराज मोटेगांवकर ने इस पूरी साजिश को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था। मोटेगांवकर ने सबसे पहले अपने करीबी शिक्षक पी.वी. कुलकर्णी और एक अन्य शिक्षिका मनीषा मंधारे को सेटिंग के जरिए एनटीए के उस गोपनीय पैनल में शामिल करवाया, जो परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार और फाइनल करता था।

दीर्घकालिक शिक्षण अनुभव के कारण पी.वी. कुलकर्णी को रसायन विज्ञान (Chemistry) और मनीषा मंधारे को जीव विज्ञान (Biology) के प्रश्न पूरी तरह याद हो गए। एनटीए के परीक्षा केंद्र और सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए उन्होंने किसी पेपर की फोटो नहीं खींची, बल्कि गोपनीय कक्ष से बाहर आते ही उन प्रश्नों को बाकायदा अपने हाथ से कागज पर लिख लिया। इसके बाद इन हस्तलिखित प्रश्नों को शिवराज मोटेगांवकर को भेज दिया गया, जिसने उसकी पीडीएफ फाइलें बनाकर रसूखदार डॉक्टरों, दलालों और तेजस शाह जैसे अमीर छात्रों को मोटी रकम के बदले बेच दिया।

सबूत मिटाने के लिए डिलीट किया डेटा, सीबीआई ने किया रिकवर

3 मई को देश भर में नीट की परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर ने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन से सारे डिलीट और पीडीएफ फाइल्स को पूरी तरह मिटाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की थी। हालांकि, सीबीआई की फॉरेंसिक विंग और साइबर एक्सपर्ट्स ने मोटेगांवकर के मोबाइल फोन का डीप-डेटा एक्सट्रैक्शन कर डिलीट की गई सभी फाइलें और चैट हिस्ट्री को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया, जिसके बाद इस पूरे रैकेट की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं।

लातूर के सिद्धिविनायक बाल अस्पताल में 4 घंटे तक चली छापेमारी

सीबीआई की एक विशेष टीम पिछले तीन दिनों से लातूर में डेरा डाले हुए है। सोमवार की शाम सीबीआई के अधिकारियों ने जूना औसा रोड स्थित प्रसिद्ध सिद्धिविनायक बाल अस्पताल पर अचानक छापा मारा। इस अस्पताल के मालिक और शहर के बड़े बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरुरे पर अपने करीबियों के लिए लीक प्रश्नपत्र खरीदने का पुख्ता संदेह था। करीब साढ़े चार घंटे तक चली मैराथन पूछताछ के बाद सीबीआई ने डॉक्टर के केबिन से कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, बेनामी मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत जब्त कर उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

पुणे से पकड़ा गया तेजस शाह, 'GOD' कोडनेम से मची खलबली

सीबीआई के हत्थे चढ़े 12वें आरोपी और पुणे के छात्र तेजस शाह के मोबाइल ने इस जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। तेजस के फोन की जांच करने पर पता चला कि उसने मनीषा हवलदार (जो पेपर सप्लाई चेन का हिस्सा थी) के नंबर को 'GOD' के रूप में सहेज रखा था, क्योंकि वह छात्र को परीक्षा से पहले असली प्रश्नपत्र देकर उसके लिए 'भगवान' बन गई थी। सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के कितने और छात्रों तक यह हस्तलिखित पीडीएफ पहुंचाई गई थी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में कुछ और बड़े कोचिंग संचालकों की गिरफ्तारियां तय मानी जा रही हैं।

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