गोकुल दूध संघ चुनाव, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
कोल्हापुर

गोकुल दूध संघ अध्यक्ष चुनाव पहुंचा हाईकोर्ट: 10 नवंबर को बुलाई विशेष सभा, 25 संचालकों को नोटिस जारी

Gokul Milk Union Election: कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल) के अध्यक्ष चुनाव पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सर्किट बेंच का आदेश। 10 नवंबर को बुलाई गई अध्यक्ष चुनाव की विशेष सभा।

रूपम सिंह

Highlights

  • गोकुल अध्यक्ष चुनाव के लिए 10 नवंबर को विशेष सभा होगी।

  • हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक सभी 25 संचालकों को नोटिस देने का आदेश दिया।

  • पहली सभा में महायुति के 12 संचालक अनुपस्थित रहे, जिससे चुनाव टल गया।

Kolhapur Circuit Bench: कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी 'गोकुल' के अध्यक्ष पद का चुनाव अब न्यायालय पहुंच गया है। मुंबई हाई कोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने इस मामले में अंतरिम आदेश देते हुए 10 नवंबर को सुबह 11 बजे अध्यक्ष चुनाव के लिए विशेष सभा आयोजित करने का निर्देश दिया है।

साथ ही सभी 25 नवनिर्वाचित संचालकों को 2 नवंबर की शाम 5 बजे तक सभा की नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अभय आहुजा और न्यायमूर्ति धीरज धोटे की खंडपीठ ने यह निर्देश दिए।

हाल ही में हुए चुनाव में कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल के नेतृत्व वाली राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा और महायुति समर्थित गठबंधन को 12 सीटें मिली थीं।

इसके बावजूद अध्यक्ष चुनाव के लिए बुलाई गई पहली सभा में महायुति के सभी 12 संचालक अनुपस्थित रहे। आवश्यक कोरम पूरी नहीं होने के कारण सभा स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद समविचारी आघाड़ी के संचालकों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।

नोटिस अवधि के बाद होगी सभा

कोल्हापुर शहर सर्किट बेच में सुनवाई के बाद वकीलों ने बताया कि अदालत ने चुनाव निर्णय अधिकारी को नियमानुसार 7 दिन की नोटिस अवधि मानकर तत्काल नोटिस जारी करने की अनुमति दी है। इसके अनुसार सभी 25 संचालकों को 2 नवंबर की शाम 5 बजे तक नोटिस भेजी जानी है।

इसके बाद 10 नवंबर को सुबह 11 बजे अध्यक्ष चुनाव के लिए आधिकारिक सभा होगी। अदालत ने किसी भी संचालक को सभा में उपस्थित रहने के लिए बाध्य नहीं किया है लेकिन सभी को समय पर नोटिस देना प्रशासन के लिए अनिवार्य किया है।

14 संचालकों की उपस्थिति पर अटका मामला

गोकुल की 25 सीटों के चुनाव में सतेज पाटिल की राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था।

वहीं भाजपा और महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिली थीं। अध्यक्ष चुनाव के लिए पहली सभा में महायुति के सभी 12 संचालकों ने अनुपस्थित रहने का फैसला किया। नियमानुसार अध्यक्ष चुनाव की सभा के लिए 25 में से कम से कम 14 संचालकों की उपस्थिति जरूरी है।

इस कारण चुनाव निर्णय अधिकारी मौसमी चौगुले ने कोरम पूरा नहीं होने पर सभा स्थगित कर दी थी। हाई कोर्ट ने महायुति के सभी 12 संचालकों को अपना पक्ष रखने और लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

अब इस बात पर नजर रहेगी कि महायुति के संचालक 10 नवंबर की सभा में शामिल होते है या फिर बहिष्कार का रास्ता अपनाते हैं, साथ ही यदि दोबारा कोरम पूरा नहीं होता है तो चुनाव अधिकारी कौनसी कानूनी प्रक्रिया अपनाते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

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