प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
जालना

जालना मनपा चुनाव: प्रचार तेज, खर्च पर निर्वाचन आयोग की सख्ती; प्रशासन अलर्ट

Election expense limit: जालना मनपा चुनाव में प्रचार तेज है, लेकिन उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग द्वारा तय खर्च सीमा और दैनिक दरों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य किया गया है।

अंकिता पटेल

Campaign Spending Rules: जालना मनपा चुनाव में उम्मीदवारों की प्रचार गतिविधियां चरम पर हैं। हालांकि, प्रचार की इस दौड़ में उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग की ओर से तय खर्च सीमा का सख्ती से पालन करना होगा।

प्रशासन ने चुनाव प्रचार के दौरान होने वाले दैनिक खर्चों की अधिकृत दरें तय की हैं। इनमें कार्यकर्ताओं के भोजन से लेकर उनके ठहरने व प्रचार साधनों तक की लागत शामिल है।

सभी प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा निर्वाचन आयोग को सौंपना अनिवार्य है। चुनाव में प्रचार के साथ ही खर्च पर नियंत्रण व पारदर्शिता प्रशासन की प्राथमिकता बनकर सामने आई है। चुनावी प्रचार में कार्यकर्ताओं की बड़ी टीम का प्रबंधन उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।

पथक करेगा निगरानी

अब कार्यकर्ताओं पर होने वाला हर खर्च चुनावी व्यय में जोड़ा जाएगा, प्रशासन के अनुसार शाकाहारी भोजन (थाली, मिठाई संग) 60 रुपए, मांसाहारी भोजन 100 रुपए, नाश्ता (वड़ा/पोहे आदि) 25 रुपए, चाय 7 रुपए, दूध/कॉफी 10 रुपए की दरों के अनुसार ही खर्च दिखाना अनिवार्य होगा।

अन्य प्रचार सामग्री की दरें

रूमाल/टोपी 12 रुपए, अगरबत्ती 10, गुलाल (10 किलो) 150 रुपए, बड़ा गुलाब पुष्पहार 250 रुपए, साधा फेटा 50 रुपए, दुपहिया वाहन 450 रुपए, ऑटो रिक्शा (3+1) 550 रुपए, ऑटो रिक्शा (साउंड सिस्टम सहित) 1,500 रुपए, ट्रैक्टर (ट्रेलर संग) 1,650 रुपए, निर्धारित स्थान पर होर्डिंग 35 रुपए। प्रचार की अंतिम तिथि 14 जनवरी है व 15 जनवरी को मतदान होगा।

चुनाव में उम्मीदवारों के लिए बड़ी चुनौती

उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने से कार्यकर्ताओं के लिए अवसर बढ़े हैं, पर उनके भोजन-नाश्ते व अन्य सुविधाओं पर होने वाला खर्च अब पूरी तरह चुनावी व्यय में शामिल होगा। ऐसे में प्रचार से पहले हर रुपए का हिसाब रखना उम्मीदवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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